रीढ का दर्द: समस्याए एवं यौगिक उपचार

Author:

Pawan Jain

Publisher:

V & S Publisher

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Availability: Available

Publisher

V & S Publisher

Publication Year 2012
ISBN-13

9789381448892

ISBN-10 9381448892
Binding

Paper Back

Edition FIRST
Number of Pages 59 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 21x13x0.5
Weight (grms) 92

पवन जैन ने ‘मनोविज्ञान’ में परास्नातक डिग्री तथा ‘योग’ में डिप्लोमा करने के पश्चात् अनेक गुरुओं के सान्निध्य में रहकर योग सम्बन्धी गहन अध्ययन किया है। आपने योग-साधना करने के उपरान्त सन् 1986 से योग के क्षेत्र में स्वयं को पूर्णतया समर्पित कर दिया। आप तबसे अनवरत योग प्रशिक्षण करने के साथ-साथ शारीरिक व मानसिक व्याधियों से पीड़ित रोगियों का उपचार करनें में रत हैं। आप केवल भारत के ही नहीं वरन् विश्व के अनेक देशों के व्यक्तियों को, प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, अस्पतालों, सरकारी विभागों के कर्मचारियों के अतिरिक्त विभिन्न सुप्रसिद्ध चिकित्सकों को योगासन, प्राणायाम, ध्यान व षट्कर्म आदि क्रियाओं का प्रशिक्षण देकर लाभान्वित कर रहे हैं। आप तीरथ-विहार, अतरौली, कुर्सी-रोड, लखनऊ स्थित ‘सत्य बोध आश्रम’ के संस्थापक हैं। यहीं पर आप आध्धयात्मिक-उपचार, औरा-हीलिंग, प्राण-उपचार, एक्युप्रेशर, योगासन तथा षट्कर्म आदि विधियों द्वारा उपचार तथा तत्सम्बन्धी लघु-पाठ्यक्रमों के माध्यम से शिक्षण भी कर रहें हैं। 


उपचार के क्षेत्र में आपकी उपलब्धियाँ प्रशंसनीय हैं। जिन रोगियों में उपचार की अनेक प्रचलित विधायें असफल सिद्ध हो चुकी थीं, उन रोगियों को रोगमुक्त करके आपने यह सिद्ध कर दिया कि आपमें उपरोक्त उपचार की विधियों द्वारा उपचार करने की अपूर्व योग्यता है। 


आपने कई वर्षों तक लखनऊ से प्रकाशित अंग्रेजी दैनिक समाचार-पत्र ‘हिन्दुस्तान-टाइम्स’ के साप्ताहिकी स्तम्भ 'Mind Mantra' के माध्यम से अपने विचारों को जनसाधारण तक पहुँचाकर पाठकों को इस बात से परिचित कराया कि किस प्रकार अपनी ‘जीवन-शैली’ तथा ‘सोच’ में यथोचित परिवर्तन द्वारा वे अपने जीवन को बेहतर तथा खुशहाल बना सकते हैं। अनेक पत्रिकाओं में छपने वाले आपके उपयोगी लेख भी पाठकों की शरीर तथा मन से सम्बन्धित समस्याओं के समाधान के रूप में प्रस्तुत रहते हैं।

Pawan Jain