KAVITA MEIN BANARAS

Author:

Rajeev Singh

Publisher:

Raj Kamal Prakashan

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Publisher

Raj Kamal Prakashan

Publication Year 2022
ISBN-13

9789392757464

ISBN-10 9392757468
Binding

Paperback

Number of Pages 216 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 21.5 x 13.3 x 1.3
Weight (grms) 260

ग़ालिब उसे हिन्दुस्तान का क़ाबा कहते हैं, तो कबीर कहते हैं, ‘चोवा चंदन अगर पान, घर घर सुमृति होत पुरान’, तुलसी के लिए वह ‘परमारथ की खान’ है। भारतेन्दु के लिए वहाँ के ‘लोग निकम्मे भंगी गंजड़, लुच्चे बे-बिसवासी’ हैं तो बेढब बनारसी कहते हैं कि बनारस की कोई शान ही नहीं रह जाएगी जिस दिन गलियों में पान की दुकानें नहीं दिखेंगी। श्रीकान्त वर्मा की काशी में ‘जिस रास्ते जाते हैं शिव, उसी रास्ते आता है शव’, तो वली दकनी का दिल जोगी बनकर इसी बनारस में वास करना चाहता है। यह काशी है, वाराणसी, बनारस जिसे दुनिया के प्राचीनतम नगरों में गिना जाता है। यह अपनी विलक्षणताओं से हर किसी को आकर्षित करता है। भौतिक सुखों से उकताए यूरोप-अमेरिकावासियों से लेकर मोक्ष और अध्यात्म को जीवन का लक्ष्य मानने वाले अनपढ़ ग्रामीण भारतीयों तक।

Rajeev Singh

Er. Rajeev Singh graduated in Mechanical engineering from Visvesvaraya National Institute of Technology, Nagpur. He served as Assistant Manager by Reliance Industries Limited (RIL). Later on he was elevated to the post of Manager, Senior Manager, General Manager and Senior General Manager. Presently, he is working as Senior General Manager with Reliance Industries Limited. He has throughout a brilliant academic record. He has more than 27 year managerial experience.
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