Lok Vyavahar Ki Kala (Hindi)

Author:

Sudhir Dixit

,

Les Giblin

Publisher:

Manjul Publishing House

Rs95

Availability: Available

    

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Publisher

Manjul Publishing House

Publication Year 2020
ISBN-13

9788183226738

ISBN-10 8183226736
Binding

Paperback

Edition Second
Number of Pages 72 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 18.2 x 12.2 x 0.5
Weight (grms) 78

लोक व्यवहार की कला
तमाम सफ़ल लोगों में अक्सर कौन-सी एक विषेशता होती है? वे दूसरों के साथ व्यवहार करने की कला में माहिर होते हैं! यह पुस्तक आपको बताएगी कि आप कैसे :
• अपने लक्ष्य हासिल कर सकते हैं
• लोगों के अहम को सँभालना सीख सकते हैं
• बातचीत में निपुण बन सकते हैं
• लोगों को उनके बारे में अच्छा महसूस करवा सकते हैं
और भी बहुत कुछ!

लोगों के साथ सही व्यवहार घर एयर व्यापार में सफलता तथा आनंद के लिए एक आवश्यक तत्व है I लोक व्यवहार की कला आपको ऐसे उपाय बताती है जिनके द्वारा आप लोगों से व्यवहार के कौशल को ऐसे स्तर पर ले जा सकेंगे जिसे आप कभी नामुमकिन मानते थे I

Sudhir Dixit

Sudhir Dixit is an Indian author and translator. He has translated several books in Hindi language including Dhandha: How Gujaratis do Businesses, Prabhavshali Leadership Ke Sutra, Rahasya and many more .

Les Giblin

व्यक्तिगत विकास उद्योग के अग्रदूतों में से एक, लेस गिबिलन का जन्म 1912 में सीडर रैपिड्स, आयोवा में हुआ था। सेना में सेवा करने के बाद, गिबलीन ने 1946 में शेफ़र पेन कंपनी के साथ बिक्री की शुरूआत की। उनके घर - घर जा कर सफ़ल बिक्री करने की वजह से वे मानव प्रकृति के प्रेरक पर्यवेक्षक बने और दो साल तक उन्हें 'राष्ट्रीय सेल्समैन' के ख़िताब से भी नवाज़ा गया. अपने विक्रय कैरियर से सबक लेकर गिब्लिन ने 1968 में अपनी पहली पुस्तक 'स्किल विथ पीपल' लिखी और कई मशहूर कंपनियों जैसे - मोबिल, जनरल इलेक्ट्रिक, जॉनसन एंड जॉनसन, कैटरपिलर आदि के लिए हजारों सेमिनार आयोजित करने लगे। बढ़ती पीढ़ियों के साथ लेस गिबिलिन के लोक व्यवहार के सिद्धांत कालातीत साबित हुए , उनके संदेश आपके जीवन की आवश्यक क्षमता जो जागृत करते हैं और आज की दुनिया में अवैयक्तिक संचार में नया अर्थ लाते हैं!
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