Patna Ka Superhero

Author:

Nihal Parashar

Publisher:

HIND YUGM

Rs249

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Publisher

HIND YUGM

Publication Year 2024
ISBN-13

9788119555246

ISBN-10 8119555244
Binding

Paperback

Number of Pages 184 Pages
Language (Hindi)
Weight (grms) 150

अगर बचपन के बीते दिनों को कहानियों में उतारा जाए, तो क्या होगा? जो लोग बीते दिनों में हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहे, वे अचानक कहाँ ग़ायब हो जाते हैं? शहरों से हमारा रिश्ता कैसे बनता है? जिन गलियों और मोहल्लों में हम जवानी की दहलीज़ पर पहुँचे, क्या वो गलियाँ भी बूढ़ी आँखों से हमारा इंतज़ार करती हैं?


‘पटना का सुपरहीरो’ ऐसे ही सवालों के जवाब खोजती है। यहाँ पटना सिर्फ़ शहर भर नहीं है, बल्कि एक ज़िंदा किरदार की तरह सभी कहानियों के बैकग्राउंड में मौजूद है।


इस कहानी-संग्रह में हम ऐसे किरदारों से मिलते हैं जो बचपन की एक शाम कहीं खो गए। इन कहानियों में, शायद वे एक जीवन जी रहे हों। यहाँ हमारे दोस्त संतरे और आम का पेड़ भी हैं। यहाँ बचपन की मासूमियत भी है और अपराधबोध भी। सबसे पहला आश्चर्य है, तो सबसे दुखद यादें भी। इन छः कहानियों में हम सभी के जीवन का एक ख़ास हिस्सा क़ैद है, जिसे एक बार पलटकर ज़रूर देखा जाना चाहिए।

Nihal Parashar

निहाल पराशर का जन्म छपरा, बिहार में हुआ। शुरुआती पढ़ाई पटना में हुई। कॉलेज के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय गए। अँग्रेज़ी साहित्य में स्नातक किया। फिर IIMC, दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की। थोड़े समय के लिए पत्रकारिता भी की। साल 2010 से 2016 तक दिल्ली रंगमंच में सक्रिय रहे। कई नाटकों में अभिनय किया। साल 2017 में मुंबई नया घर बना। फ़िल्म जगत में बतौर पटकथा लेखक सक्रिय हुए। साथ ही साथ अभिनय भी करते रहे और रंगमंच से एक दूरी के साथ जुड़े भी रहे। इनका लिखा नाटक ‘पटना का सुपरहीरो’ मुंबई के प्रतिष्ठित पृथ्वी थियेटर पर अगस्त 2022 में ओपन हुआ। देश के विभिन्न शहरों में खेला गया। नाटक ने ख़ासी लोकप्रियता हासिल की।
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