Seen : 75

Author:

Rahi Masoom Raza

Publisher:

Rajkamal Parkashan Pvt Ltd

Rs225 Rs250 10% OFF

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Publisher

Rajkamal Parkashan Pvt Ltd

Publication Year 2023
ISBN-13

9788126709885

ISBN-10 812670988X
Binding

Paperback

Number of Pages 130 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 18.5 X 12.5 X 1.5

‘सीन : 75’ कथा है बम्बई के फिल्म-जगत की जिसे आज हम बॉलीवुड के नाम से जानते हैं। राही मासूम रज़ा के इस छोटे लेकिन बहुअर्थगर्भी उपन्यास में इसी दुनिया के महत्त्वाकांक्षी, चालाक और सफलता के लिए कुछ भी कर जानेवाले लोगों की कहानी कही गई है। अली अमजद बनारस जैसे पारम्परिक शहर से बम्बई आता है—स्क्रिप्ट राइटर बनने और यहाँ आकर उसके सामने खुलती है उस दुनिया की घिनौनी हकीकत जहाँ वह सितारा बनना चाहता था। उसके जैसे और भी कई हैं जो इस जगमगाती दुनिया में पैर जमाने और कुछ कर दिखाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कहानियों से कहानियाँ निकलती हैं और यह उपन्यास एक घूमते कैमरे की तरह हमें ऐसे अनेक पात्रों से मिलवाता चलता है जो अपनी कारुणिक त्रासदियों से गुजरते हुए एक सपने का पीछा कर रहे हैं। धनाढ्य लेस्बियंस, संघर्षरत निर्देशक, लिजलिजे निर्माता, उनकी सनकें और चालाकियाँ। गहरे व्यंग्य और तुर्श हास्यबोध के साथ यह उपन्यास हिन्दू-मुस्लिम तनाव, वर्गीय रिश्तों और कामयाबी की खींचतान में उधड़ते मानवीय रिश्तों की कहानी भी कहता है। राही मासूम रज़ा ने हिन्दी सिनेमा की दुनिया के स्याह-सफेद को बहुत नजदीक से देखा-समझा था। यह उपन्यास इसका प्रमाण है।

Rahi Masoom Raza

Rahi Masoom Raza (1927-1992) was born in Ghazipur on the banks of the Ganga in Uttar Pradesh. He studied at Aligarh Muslim University, where he did a doctorate in Hindustani literature and where he also taught for a while. One of the finest novelists and poets of his time, Rahi Masoom Raza was proficient in both Hindi and Urdu. His best-known work is Aadha Gaon, about rival Muslim landlord families in the village of Gangauli at the time of Partition. His other well-known works are Topi Shukla, Katra Bi Aarzo, Neem Ka Ped and Os Ki Boond. He found fame as a dialogue writer in the Hindi film industry, and worked on movies like Main Tulsi Tere Aangan Ki, Gol Maal, Mili, Karz, Lamhe, etc. He also wrote the path-breaking dialogues for the 1980s TV epic, Mahabharat.
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