स्वर-लिपियां (101 हिट भजनों की)

Author:

Dr. Ramesh Mishra

Publisher:

V & S Publisher

Rs171 Rs295 42% OFF

Availability: Available

Publisher

V & S Publisher

Publication Year 2016
ISBN-13

9789381448885

ISBN-10 9381448884
Binding

Paper Back

Edition FIRST
Number of Pages 255 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 21X13X1
Weight (grms) 222

भजन भक्त का आह्वान है। जीवन के दुखों, धूप और छाया के बहते झरने के बीच, यह सहज रूप से मानव मन को परमात्मा से जोड़ता है। 


आज हर व्यक्ति व्यथित, तनाव ग्रस्त और आध्यात्मिकता की ओर भाग रहा है, भजन की उंगली पकड़ कर भीतर के सितारों के साथ छेड़छाड़ करना चाहता है। 


चाहे वह टेलीविजन चैनल हो या आध्यात्मिक प्रवचन, भजन हर जगह बोले जाते हैं। यही कारण है कि आज लोग भजन सीखने की होड़ में हैं, जिसमें बच्चे, वरिष्ठ, हर वर्ग के लोग बड़ी संख्या में देखे जा सकते हैं। आज, निजी ट्यूशन द्वारा विभिन्न स्थानों पर भजन कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं, लेकिन अधिकांश शिक्षक अप्रशिक्षित होने के कारण सही जानकारी देने में असमर्थ हैं – संगीताचार्य डॉ. रमेश मिश्रा ने इस दृष्टि को ध्यान में रखते हुए इस पुस्तक को तैयार किया है। ताकि नवोदित संगीत के छात्र, शिक्षक, भजन गायक विस्तृत स्वर लिपि बनाकर सीख सकें, और एक भजन रच सकें। यह गायन और वादन के मिश्रित ज्ञान के लिए एक ठोस व्यावहारिक गाइड बुक है। आइए, इस पुस्तक से भजनो को सीखने के बाद, हमें भी गायन में पारंगत होना चाहिए और भजन की धुनों में झूलना चाहिए। 

Dr. Ramesh Mishra

संगीत घराने में जन्मे डॉ. रमेश मिश्र, प्रख्यात तबला वादक पं. दयाशंकर मिश्र के कनिष्ठ पुत्र है। अपने अपनी माता श्रीमति चंद्रावती मिश्रा व दोनों बड़े भाई पं. चंदप्रकाश मिश्र (गायक) व पं. ओमप्रकाश महाराज (कथक-नर्तक) से प्रारंभिक शिक्षा पाई, तत्पश्चात दिल्ली घराने से उ. नशीर अहमद खां, उ. इक़बाल अहमद खां व किराना घराने के स्तंभ पं. भीमसेन जोशी जी जैसे महान संगीतज्ञों की छत्रछाया में सांगीतिक निपुणता प्राप्त की। डॉ. मिश्र अब तक देश की विभिन्न सांस्कृतिक संस्थानों द्वारा सुरमणि पुरस्कार (मुंबई), साहित्यकला परिष्द पुरस्कार (दिल्ली), अभिनव उपाधियों से विभूषित हो चुके है। सम्प्रति संगीत प्राध्यपक व विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत है।