| Publisher |
Rajkamal Prakashan |
| Publication Year |
2015 |
| ISBN-13 |
9788126728879 |
| ISBN-10 |
9788126728879 |
| Binding |
Hardcover |
| Number of Pages |
174 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Dimensions (Cms) |
20 x 14 x 4 |
| Weight (grms) |
580 |
अंधविश्वास उन्मूलन और डॉ. नरेन्द्र दाभोलकर एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं | निरंतर 25 वर्षों की मेहनत का फल है यह | अंधविश्वास उन्मूलन का कार्य महाराष्ट्र में विचार, उच्चार, आचार, संघर्ष, सिद्धांत जैसे पंचसूत्र से होता आ रहा है | भारतवर्ष में ऐसा कार्य कम ही नजर आता है | अन्धविश्वास उन्मूलन: आचार पुस्तक में धर्म के नाम पर कर्मकांड और पाखंडों के खिलाफ आन्दोलन, जन-जाग्रति कार्यक्रम और भंडाफोड़ जैसे प्रयासों का ब्योरा है | पुस्तक में भूत से साक्षात्कार कराने का पर्दाफाश, ओझाओं की पोल खोलती घटनाएँ, मंदिर में जाग्रत देवता और गणेश देवता के दूध पीने के चमत्कार के विवरण पठनीय तो हैं ही, उनसे देखने, सोचने और समझने की पुख्ता जमीन भी उजागर होती है | निस्संदेह अपने विषयों के नवीन विश्लेषण से यह पुस्तक पाठकों में अहम् भूमिका निभाने जैसी है | अन्धविश्वास के तिमिर से विवेक और विज्ञान के तेज की और ले जानेवाली यह पुस्तक परंपरा का तिमिर-भेद तो है ही, विज्ञान का लक्ष्य भी है |
Narendra Dabholkar
. नरेंद्र दाभोलकर एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई कर चुके डॉ. नरेंद्र दाभोलकर ने सन् 1982 में अंधविश्वास उन्मूलन कार्य का प्रारंभ किया। 1989 में ‘महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ की स्थापना की। आजन्म समिति के कार्याध्यक्ष रहे। अंधविश्वास उन्मूलन विषय पर दर्जन-भर पुस्तकों का लेखन किया। पुस्तकों को अनेक पुरस्कार मिले। 20 अगस्त, 2013 को अज्ञात तत्त्वों द्वारा गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई। मरणोपरांत भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किए गए। डॉ. सुनीलकुमार लवटे मराठी तथा हिंदी के साहित्यिक समीक्षक, अनुवादक एवं संपादक। महावीर महाविद्यालय, कोल्हापुर (महाराष्ट्र) के भूतपूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं प्राचार्य। केंद्रीय हिंदी निदेशालय, नई दिल्ली द्वारा दो बार पुरस्कृत। महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादेमी, मुंबई द्वारा पद्मश्री अनंत गोपाल शेवडे़ हिंदी सेवा पुरस्कार एवं महाराष्ट्र भारती राष्ट्रीय जीवन गौरव पुरस्कार से सम्मानित। डॉ. प्रकाश अभिमन्यु कांबले जन्म: 31 मई, 1984; सोलापुर (महाराष्ट्र)। शिक्षा: एम.ए.,बी.एड.,पीएच.डी.। मराठी से हिंदी में अनुवाद और शोध आलेख प्रकाशित। संप्रति: जैन डिम्ड विश्वविद्यालय, बेंगलुरु में असिस्टेंट प्रोफेसर।
Chanda Girish
Narendra Dabholkar
,Chanda Girish
Rajkamal Prakashan