APNI KAHI

Author:

Chinmayi Tripathi

Publisher:

VANI PRAKSHAN

Rs189 Rs199 5% OFF

Availability: Available

Shipping-Time: Usually Ships 1-3 Days

    

Rating and Reviews

0.0 / 5

5
0%
0

4
0%
0

3
0%
0

2
0%
0

1
0%
0
Publisher

VANI PRAKSHAN

Publication Year 2022
ISBN-13

9789355181138

ISBN-10 9355181132
Binding

Paperback

Number of Pages 100 Pages
Language (Hindi)

हर मौसम का रंग पहन लूँ क्या बसन्त क्या सावन। जितना चाहूँ उतना भीगूँ बारिशें पी जाऊँ। जो भी चाहूँ मैं बन जाऊँ पानी राख हवा। बनके फ़क़ीरा। चिन्मयी त्रिपाठी का पहला कविता संग्रह ‘अपनी कही’ प्रस्तुत है आपके सम्मुख।

Chinmayi Tripathi

चिन्मयी त्रिपाठी चिन्मयी गायक, संगीतकार और कवि हैं जिन्होंने लगभग तीन वर्षों पहले म्यूजिक एण्ड पोएट्री प्रोजेक्ट नामक मुहिम की शुरुआत की। इसके अन्तर्गत वे हिन्दी कविताओं को गीतों के रूप में गाती हैं और इसके माध्यम से कई सुरीले गीत निकले हैं और एक पूरा एल्बम रिलीज हो चुका है जिसमें हिन्दी साहित्य की कालजयी कविताओं को गीतों में पिरोया गया है। इसमें निराला, रामधारी सिंह ‘दिनकर’, शिवमंगल सिंह सुमन, महादेवी वर्मा, हरिवंश राय ‘बच्चन’ और धर्मवीर भारती जैसे दिग्गज कवियों की रचनाएँ शामिल हैं। चिन्मयी शास्त्रीय संगीत सीख लेने के बाद, कुछ वर्षों तक कॉर्पोरेट जॉब में सक्रिय रहीं और Songdew Media नामक कम्पनी की सह-संस्थापक भी रही हैं।
No Review Found