Chirag-E-Dair (Pb)

Author:

Mirza Ghalib

Publisher:

Rajkamal Parkashan Pvt Ltd

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Availability: Available

Publisher

Rajkamal Parkashan Pvt Ltd

Publication Year 2021
ISBN-13

9789389598803

ISBN-10 938959880X
Binding

Paper Back

Number of Pages 124 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 20 x 14 x 4
Weight (grms) 142
मिर्जा गालिब की बनारस-यात्रा मशहूर है। उन्होंने फारसी में, जो उनकी प्रिय काव्यभाषा थी, एक मस्नवी 'चिराग-ए-दैर' नाम से लिखी थी। यों तो बनारस सदियों से एक पुण्य-नगरी है और उसकी स्तुति में बहुत कुछ इस दौरान लिखा गया है। गालिब की मसनवी उस परम्परा में होते हुए भी अनोखी है जो एक महान कवि की एक महान तीर्थ की यात्रा को सच्चे और सशक्त काव्य में रूपायित करती है। एक ऐसे समय में जब हिन्दू और इस्लाम धर्मों के बीच दूरी बढ़ाने की अनेक प्रबल और निर्लज्ज दुश्चेष्टाएँ हो रही हैं इस मसनवी का हिन्दी अनुवाद एक तरह की याददहानी का काम करता है कि यह दूरी कितनी बहुत पहले पट चुकी थी। —अशोक वाजपेयी

Mirza Ghalib

जन्म : 27 दिसम्बर, 1797; आगरा। नाम : मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ाँ। उपनाम : मिर्ज़ा नौश:। कविनाम : ‘असद’ और ‘ग़ालिब’। पदवियाँ : नज्मद्दौल:, दबीरुलमुल्क। मज़ार : लोहारू वंश क़ब्रिस्तान, सुल्तानजी, चौंसठ खम्बा, निज़ामुद्दीन, दिल्ली। निधन : 15 फरवरी, 1869; दिल्ली।
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