| Publisher |
Eka |
| Publication Year |
2022 |
| ISBN-13 |
9789395073226 |
| ISBN-10 |
9395073225 |
| Binding |
Paperback |
| Number of Pages |
264 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Dimensions (Cms) |
22 X 14 X 1.5 |
| Weight (grms) |
289 |
| Subject |
Fiction/non-fiction |
इस कहानी का बीज मेरे सामने बोया गया था और आज कहानी फसल बन कर लहलहा रही है, CODE काकोरी को दिल से मुबारकबाद— साजिद नाडियाडवालाकाकोरी अस्पताल के वॉर्ड में एक डेड बॉडी पड़ी है, जो पूरी तरह काली पड़ चुकी है। लाश पर सोने-चांदी के ब्रिटिश कॉइंस पड़े हैं। हर सिक्के पर क्वीन विक्टोरिया की तस्वीर छपी है। क़ातिल ने लाश के सीने पर पीतल की थंब पिन से एक ए फोर साइज़ का कागज़ टैग किया है, जिस पर लिखा है—हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन। आख़िर क़ातिल का इशारा क्या है? क्यों छोड़े हैं उसने ये सुराग़? पुलिस को क्यों चैलेंज कर रहा है ये क़ातिल?असल में ये वही विक्टोरियन कॉइंस हैं, जो 1925 के ‘काकोरी कांड’ में लूटे गए थे। ये वही हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन है जो 1924 में चंद्रशेखर आज़ाद ने बनाई थी। तब मक़सद था ब्रिटिश हुकूमत के ख़िलाफ़ बारूदी जंग छेड़ना, और बारूद उगलने वाले हथियार ख़रीदने के लिये 9 अगस्त 1925 को ट्रेन रोककर काकोरी में ही लूटा गया, अंग्रेज़ों का खज़ाना। लेकिन चौरानवे साल बाद अब क्या मक़सद है? अब क्या इरादा है? किसके ख़िलाफ़ है ये जंग? अब कौन है जिसने बनाया है ‘कोड काकोरी’?मनोज राजन त्रिपाठी के इस उपन्यास में थ्रिल है, सस्पेंस है, एक्शन है, कॉमेडी है, ड्रामा है; कहने का मतलब, एक पूरी फ़िल्म का मज़ा है।
Manoj Rajan Tripathi
मनोज राजन त्रिपाठी तक़रीबन तीस सालों से पत्रकारिता में हैं। दैनिक जागरण से शुरुआत और फिर हिंदुस्तान टाइम्स ग्रुप होते हुए न्यूज़ 18 नेटवर्क, इंडिया न्यूज़ और ईटीवी में एडिटर रहे। आप अजय देवगन, परेश रावल, कार्तिक आर्यन की सुपरहिट फिल्म अतिथि तुम कब जाओगे-पार्ट टू (गेस्ट इन लंडन) के डायलॉग राइटर हैं। पत्रकारिता में पुरस्कारों के साथ-साथ आपने ज़ी टीवी के सिंगिंग रियलटी शो सा रे गा मा पा, अंताक्षरी, सुर श्रृंगार, संगम कला जैसे नेशनल प्लेटफॉर्म्स पर बतौर गायक भी कई अवॉर्ड जीते। फिलहाल आप ज़ी मीडिया में एडिटर हैं। कोड काकोरी आपका पहला उपन्यास है।
Manoj Rajan Tripathi
Eka