Dr. Alka Agrawal Sigtia
"डॉ. अलका अग्रवाल सिग्तिया कहानी, व्यंग्य, कविता तीनों विधाओं में लेखन। कहानी-संग्रह : ‘मुर्दे इतिहास नहीं लिखते’ महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादेमी के प्रथम पुरस्कार 'प्रेमचन्द सम्मान' से सम्मानित। व्यंग्य - संग्रह : ‘मेरी, तेरी, सबकी’, ‘#मीरा_कूल’; उपन्यास : ‘अदृश्य’ प्रकाशित; लघु उपन्यास : ‘फेंस के इधर-उधर’; कहानी-संग्रह : ‘नदी अभी सूखी नहीं’; लघुकथा-संग्रह : ‘बिखरते हरसिंगार’; कविता-संग्रह : ‘खिड़की एक नयी सी’, ‘अखीन परसाई’ प्रेस में। स्तम्भ लेखन : मैं कहती आँखन देखी, ये है बम्बई मेरी जान आदि, अनेक आलेख प्रकाशित। सम्पादन : रंगक़लम, अप्रतिम भारत, मुम्बई की हिन्दी कवयित्रियाँ, अन्तरंग संगिनी। हरिशंकर परसाई पर लघु शोध प्रबन्ध व शोध। निरन्तरा स्क्रिप्ट, गोदरेज़ फ़िल्म फ़ेस्टिवल में प्रथम। फ़िल्म ‘अदृश्य’ को राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय अवार्ड्स। फ़िल्म, टेलीविज़न धारावाहिकों व रेडियो के लिए लेखन। कई लघु फ़िल्मों का निर्माण। निदेशक परसाई मंच, राष्ट्रीय अध्यक्ष अन्तरराष्ट्रीय वामा साहित्य अकादेमी, अध्यक्ष राइटर्स व जर्नलिस्ट्स असोसिएशन महिला विंग मुम्बई, अध्यक्ष महाराष्ट्र अन्तरराष्ट्रीय महिला काव्य मंच, मेम्बर सी.एफ.बी.पी.। सम्मान : महाराष्ट्र हिन्दी साहित्य अकादेमी, 'दुष्यन्त सम्मान', रचनाकार, आयेग (यू.के.) ‘स्वस्थ भारत सारथी’, 'आस्क सोसायटी सम्मान', व्यंग्य यात्रा, ‘नीरी’, ‘यादें बिस्मिल्लाह', 'करियर आफ्टर फ़ैमिली', 'सी. एफ.बी.पी.', 'स्त्री शक्ति सम्मान', 'साहित्य रत्न सम्मान', 'महाराष्ट्र जागतिक महिला सम्मान', 'अन्तरराष्ट्रीय महिला काव्य मंच का सम्मान' आदि। "
Dr. Alka Agrawal Sigtia
Vani Prakashan