Buy Aandhari, 9789393768896 at Best Price Online - Buy Books India

Aandhari

Author :

Namita Gokhale

,

Prabhat Ranjan(translator)

Publisher:

Rajkamal Prakashan

Rs521 Rs695 25% OFF

Availability: Available

Shipping-Time: Usually Ships 1-3 Days

    

Rating and Reviews

0.0 / 5

5
0%
0

4
0%
0

3
0%
0

2
0%
0

1
0%
0
Publisher

Rajkamal Prakashan

Publication Year 2022
ISBN-13

9789393768896

ISBN-10 9393768897
Binding

Hardcover

Number of Pages 216 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 22 × 15 × 2
Weight (grms) 370
Subject

Novel

भारत में अभी भी किसी रूप में क़ायम संयुक्त परिवार का चौमंज़िला यथार्थ, यथार्थ में सबसे गहरे कीलित ग्राउंड फ़्लोर की कच्छप-पीठ पर नई, अकेली स्त्री का बहिर्मुखी अन्तर्जगत (उसका परिवेश और पड़ोस-सजग बन्धु परिवार, परिवार जो रक्त-सम्बन्धों और यौन-सम्बन्धों तक सीमित नहीं और जो विपदा के मारे सब जीव-जन्तुओं को अपना ही समझता है!) ऊपर की तीन मंज़िलों पर फैले रक्त-सम्बन्धों के भी तीन अलग-अलग वितान, किसी तरह आपसी संवाद सँभाले तीन पीढ़ियाँ, समाज के विभिन्न वर्गों के प्रति उनका रवैया और कोरोनाकाल की विभीषिकाओं से जूझता उनका त्रिकाल—पीड़ित वर्तमान—यह है भारतीय अंग्रेज़ी की मशहूर क़िस्सागो नमिता गोखले के नवीनतम उपन्यास आंधारी की बाहरी और भीतरी संरचनाओं का समतोल!

उपन्यास की धुरी एक ऐसी ख़ुदमुख़्तार, प्रकृति-सजग वृद्धा है जिसे बिहार में पुरधायन कहते हैं! जीवन की कड़वी विसंगतियों की गहरी समझ पुरधायनों में होती है और वे जानती हैं कि आस-पास के लोगों की कई चरित्रगत और स्थितिगत विडम्बनाएँ नज़रअन्दाज़ किए बिना जीवन नहीं चल पाएगा तो ‘सर्वाइवल टैक्टिक्स’ (बचाव-वृत्ति) के तहत वे सहज भाव से बाइबल की यह उक्ति जाने-अनजाने आज़माने लगती हैं—“सीइंग दे डोंट सी हीयरिंग दे डोंट हियर”! उपन्यास एक गहरे नैतिक संधान के साथ इंटरनेट-शासित सूचना-समाज की गुत्थियों की ‘अपोरिया’ में प्रवेश करता है, व्हिटमैन और दिनकर की लोकप्रिय कविताओं के आशय पाठक के साथ मिलकर समझना चाहता है कि वाममार्गी और दक्षिणपंथी राजनीति के बीच का कोई रास्ता है भी तो कहाँ—“गीत-अगीत कौन सुन्दर है?” परम्परा का अन्ध गायन या उसका समूल नाश—इनके बीच कोई आंबेडकर-सजग गांधीवादी/बहुलतावादी प्रमेय ही सुझाती हैं ‘साँग ऑफ़ मायसेल्फ़’ की अन्तिम पंक्तियाँ जो उपन्यास में बहुत क़रीने से जहाँ-तहाँ गूँथी गई हैं!

—अनामिका

Namita Gokhale

साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित नमिता गोखले अंग्रेज़ी की चर्चित लेखक हैं। ग्यारह कथाकृतियों समेत उनकी अब तक बीस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। हिमालय क्षेत्र से जुड़े विषयों और मिथकों पर वे लगातार लिखती रही हैं। ‘पारो : हर ड्रीम्स एंड पैशंस’ उनका पहला उपन्यास है जो 1984 में प्रकाशित हुआ था। 2021 में प्रकाशित ‘द ब्लाइंड मैट्रियार्क’ उनका नवीनतम उपन्यास है। इससे पहले, 2020 में उनका उपन्यास ‘जयपुर जर्नल्स’ छपा जिसकी पृष्ठभूमि जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल है। उसी साल उनका उपन्यास ‘बिट्रेड होप’ भी प्रकाशित हुआ जो बांग्ला के प्रसिद्ध कवि माइकेल मधुसूदन दत्त के जीवन पर आधारित है। वह जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल की सह-संस्थापक और निदेशक हैं। इस रूप में वह अनुवादों तथा विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के बीच संवाद को लेकर निरन्तर सक्रिय हैं। उन्हें ‘थिंग्स टु लीव बिहाइंड’ उपन्यास के लिए 2021 में ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’ प्रदान किया गया। इसी उपन्यास के लिए उन्हें ‘सुशीला देवी साहित्य सम्मान’ और वैली ऑफ़ वर्ड्स लिटरेचर फ़ेस्टिवल में ‘बेस्ट फ़िक्शन जूरी अवार्ड’ भी मिल चुका है। इस कृति को ‘अंतरराष्ट्रीय डब्लिन लिटरेरी अवार्ड’ की लॉन्ग लिस्ट में भी रखा गया था। उन्हें असम साहित्य सभा का प्रतिष्ठित ‘सेंटेनेरी नेशनल अवार्ड फ़ॉर लिटरेचर’ भी प्रदान किया जा चुका है।

Prabhat Ranjan(translator)

No Review Found
Similar Books
More from Author