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Ek Purani Aawaaz । एक पुरानी आवाज़

Author :

Anand Harshul

Publisher:

HIND YUGM

Rs254 Rs299 15% OFF

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Publisher

HIND YUGM

Publication Year 2026
ISBN-13

9788119555420

ISBN-10 8119555422
Binding

Paperback

Number of Pages 288 Pages
Language (Hindi)
Weight (grms) 220
Subject

Indian Writing

ऐसे व्यक्ति की कथा जो स्वतंत्रता-संग्राम में अपनी सक्रिय भागीदारी के कारण युवावस्था में ही एक तेजस्वी नेता के रूप में उभरता है। अपनी पूरी युवावस्था स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में झोंक देने के बाद वह पाता है कि देश की स्वाधीनता का लक्ष्य तो प्राप्त हुआ, पर उसके साथी सत्ता-लिप्सा में राजनैतिक अनैतिकताओं के शिकार हो चुके हैं। उनके बीच वह अपने को असहज और असंगत पाता है। देश के आज़ाद होते ही वह सक्रिय राजनीति से संन्यास लेकर अपने मूल व्यवसाय ‘वैद्यकी’ में ख़ुद को संकुचित कर लेता है। वह अनुभव करता है कि स्वाधीन भारत की राजसत्ता और स्वाधीनता-संग्राम के उसके अपने साथी भी उसके संघर्ष को भूल चुके हैं, यहाँ तक कि अपने परिवार के लिए भी अब वह प्रासंगिक नहीं रह पाया है।

Anand Harshul

न्म : 23 जनवरी, 1959 को छत्तीसगढ़ के बगिया (रायगढ़) में हुआ। शिक्षा : कानून तथा पत्रकारिता में स्नातक। लेखन का प्रारम्भ कविता से। पहली कविता 1981 में और पहली कहानी 1984 में प्रकाशित हुई। इधर कई वर्षों से सिर्फ कथा लेखन। उनका पहला कहानी संग्रह बैठे हुए हाथी के भीतर लड़का 1997 में प्रकाशित हुआ। उसके बाद पृथ्वी को चन्द्रमा 2003 में। अधखाया फल (2009) उनकी कहानियों का तीसरा संग्रह है। रेगिस्तान में झील उनकी कहानियों का चौथा संग्रह है, जिसमें प्रारम्भ से 2001 तक की कहानियाँ संकलित हैं। सम्मान : बैठे हुए हाथी के भीतर लड़का के लिए, मध्यप्रदेश साहित्य परिषद का 'सुभद्रा कुमारी चौहान' पुरस्कार (1997) तथा पृथ्वी को चन्द्रमा के लिए 'विजय वर्मा अखिल भारतीय कथा सम्मान’ (2003) से सम्मानित हैं। उनकी कुछ कहानियों का मलयालम, उर्दू, पंजाबी तथा जर्मन भाषा में अनुवाद हुआ है।
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