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Kaam Kala Ke Bhed

Author :

Aacharya Chatursen

Publisher:

RAJPAL AND SONS

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Publisher

RAJPAL AND SONS

Publication Year 2014
ISBN-13

9789350642214

ISBN-10 9350642212
Binding

Paperback

Number of Pages 128 Pages
Language (Hindi)
Weight (grms) 172
Subject

Literature & Fiction

वैशाली की नगरवधू, वयं रक्षामः, सोमनाथ, धर्मपुत्र और सोना और खून जैसी लोकप्रिय पुस्तकों के लेखक आचार्य चतुरसेन शास्त्री हिन्दी के लोकप्रिय साहित्यकार होने के साथ आयुर्वेद के 'आचार्य' थे। उपन्यास और कहानियों के अतिरिक्त उन्होंने स्वास्थ्य और यौन संबंधों पर भी अनेक पुस्तकें लिखीं। उनका मानना था कि यौन संबंधी सुख ही दांपत्य की धुरी है। इसीलिए इस पुस्तक में उन्होंने यौन-संबंधों के विविध पहलुओं पर विशद जानकारी दी है, और साथ ही अलग-अलग देशों में व्याप्त धारणाओं, कुंठाओं पर भी प्रकाश डाला है। स्त्री और पुरुष की शारीरिक संरचनाओं और सहवास की सही विधि पर पाठक को विस्तृत और स्पष्ट जानकारी मिलेगी इस पुस्तक में। साथ ही यौन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए अनेक उपाय और उपचार दिए हैं। हर युवा के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक !

Aacharya Chatursen

आचार्य चतुरसेन शास्त्री (1891-1960) हिंदी साहित्य के एक युगप्रवर्तक साहित्यकार थे, जिन्हें उनके विराट ऐतिहासिक उपन्यासों के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। वे मात्र एक लेखक ही नहीं, बल्कि एक प्रखर विद्वान और कुशल आयुर्वेदाचार्य भी थे, जिसके कारण उनके लेखन में सूक्ष्म विश्लेषण और जीवन की गहराई स्पष्ट झलकती है। शास्त्री जी की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उन्होंने पौराणिक कथाओं और देवताओं को अलौकिक शक्तियों के बजाय ‘हाड़-मांस के मनुष्य’ के रूप में प्रस्तुत किया। ‘वयं रक्षामः’, ‘वैशाली की नगरवधू’ और ‘सोमनाथ’ जैसी उनकी कालजयी कृतियाँ आज भी पाठकों को प्राचीन भारत के वैभव, कूटनीति और सामाजिक संघर्षों से परिचय कराने वाली सर्वश्रेष्ठ साहित्यिक धरोहर मानी जाती हैं।
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