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Tumse Door Hoke | तुमसे दूर होके

Author :

Madhu Chaturvedi

Publisher:

HIND YUGM

Rs269 Rs299 10% OFF

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Publisher

HIND YUGM

Publication Year 2026
ISBN-13

9788169516105

ISBN-10 8169516102
Binding

Paperback

Number of Pages 240 Pages
Language (Hindi)
Weight (grms) 198
Subject

Contemporary Fiction

अक्सर किसी अज़ीज़ रिश्ते से बिछड़ने के बाद साँसें भी बोझिल हो जातीं हैं। क्या औसत शक्लो-सूरत वाले असफल लोगों की कहानी बे-मज़ा होती है?

माँ-बाप के संघर्षों की गाथाओं में पोथियाँ भर दी गईं, मगर बच्चों ने ख़ामोशी से जो त्याग किए उन्हें कहीं दर्ज नहीं किया गया।

‘तुमसे दूर हो के’ बेहद मामूली लड़के की ऐसी ग़ैर-मामूली यात्रा है, जिसका एहसास फ़ोकस लाइट के बाहर के अँधेरे को टटोलने पर ही होता है। यह उन हताशाओं का बयान है, जिन्हें कभी ढाँढस नहीं बँधाया गया। यह उन फीकी मुस्कानों का दस्तावेज़ भी है, जिनके पीछे छुपे दर्द को कोई भाँप नहीं पाया।

अक्सर कोई नहीं समझ पाता कि घंटों से चैनल बदलता हुआ चुप बैठा लड़का टीवी नहीं देख रहा होता, बल्कि ख़ुद से भाग रहा होता है। दुनिया इससे बेख़बर रहती है कि वो एक बे-नतीजा कहानी का किरदार है। जिन घरों में जवान तस्वीर पर माला टँगी हो वे साँझ ढले किसके लिए दरवाज़ा खुला रखते होंगे? रेस में सबसे आख़िर में आने वाले धावक को कौन शाबाशी देता होगा? जो अपनों से ठगे जाते हैं वो लोग सुनवाई के लिए कहाँ जाते होंगे?

Madhu Chaturvedi

मधु चतुर्वेदी एक गृहणी हैं और अपना रोज़नामचा अपने फ़ेसबुक पेज ‘Madhu’ पर लिखती हैं, जहाँ इन्हें 65 हज़ार से अधिक पाठक फॉलो करते हैं। मधु हिंदी में लिख रहीं समकालीन युवा स्त्री लेखिकाओं में सर्वाधिक लोकप्रिय हैं। मधु के लेखन में स्त्री जीवन की समकालीन दुनिया मुखर रूप में उपस्थित है। यह इनकी पहली किताब है।
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