Subhash-Emilie : Adhure Prem Ki Poori Kahani

Author :

Raj Gopal Singh Verma

Publisher:

HIND YUGM

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Publisher

HIND YUGM

Publication Year 2025
ISBN-13

9788119555093

ISBN-10 8119555090
Binding

Paperback

Number of Pages 304 Pages
Language (Hindi)
Weight (grms) 220
Subject

Historical Fiction

‘सुभाष-एमिली : अधूरे प्रेम की पूरी कहानी’ केवल एक प्रेम-कथा नहीं, बल्कि इतिहास के उस गूढ़ अध्याय का दस्तावेज़ है, जिसे सुभाष चंद्र बोस ने अपने रक्त, साहस और संवेदना से रचा। यह पुस्तक हमें उस पड़ाव पर ले जाती है, जहाँ एक भारतीय क्रांतिकारी और एक ऑस्ट्रियन युवती के बीच, युद्ध और निर्वासन की आग के बीच, प्रेम अंकुरित होता है और उसे वही गरिमा मिलती है, जिसकी वह अधिकारी थी।


यह कहानी सिर्फ़ सुभाष और एमिली तक सीमित नहीं। जब यह सच्चाई उजागर हुई, तब देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने व्यक्तिगत पहल से न केवल एमिली शेंकल को नेताजी की पत्नी और अनिता को उनकी पुत्री के रूप में सार्वजनिक मान्यता दिलाई, बल्कि उन्हें आजीवन गरिमापूर्ण सहायता भी सुनिश्चित की। यह पुस्तक पं. नेहरू के उस पहलू को भी दर्शाती है जो वैचारिक असहमतियों के बावजूद निजी पीड़ा को सम्मानपूर्वक स्वीकारना जानते थे।


यह एक विरल दस्तावेज़ है—जहाँ रूमानी प्रेम, राष्ट्रीय कर्तव्य और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के सूत्र एक साथ जुड़ते हैं। अगर आप इतिहास के भीतर छुपे इंसान को खोजना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए है।

Raj Gopal Singh Verma

पत्रकारिता तथा इतिहास में स्नातकोत्तर। केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार में प्रकाशन, प्रचार और जनसंपर्क के क्षेत्र में सहायक संपादक, संपादक और उपनिदेशक के रूप में कार्य निर्वहन। सरकार की साहित्यिक पत्रिका ‘उत्तर प्रदेश’ का संपादन। उद्योग मंत्रालय तथा स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार में भी संपादन कार्यों की ज़िम्मेदारी का निर्वहन। अब तक कुल 28 पुस्तकें प्रकाशित, जिनमें 24 मूल हिंदी में तथा उर्दू, पंजाबी और अँग्रेज़ी में अनूदित चार पुस्तकें भी शामिल हैं। मुख्यतः ऐतिहासिक विषयों और जीवनीपरक किताबों का लेखन। कई अन्य पुस्तकें प्रकाशनाधीन। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ‘पं महावीर प्रसाद द्विवेदी सम्मान’ और प्रदेश सरकार के हिंदी संस्थान का ‘बेचन शर्मा ‘उग्र’ सम्मान’ से अलंकृत। ‘कमलेश्वर स्मृति कथा पुरस्कार- 2019’ आयोजन में श्रेष्ठ कहानीकार घोषित। रंगलीला, आगरा द्वारा ‘प्रेमचंद सम्मान-2023’ माध्यम साहित्यिक संस्थान से ‘हरिवंश राय ‘बच्चन’ सम्मान- 2024’ से सम्मानित। राष्ट्रीय समाचारपत्रों, पत्रिकाओं, आकाशवाणी और डिजिटल मीडिया में हिंदी और अँग्रेज़ी भाषा में लेखन, प्रकाशन तथा संपादन का अनुभव। कविता, कहानी और ऐतिहासिक विषयों पर लेखन।
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