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एक पूर्व में बहुत से पूर्व (विनोद कुमार शुक्ल का नया कविता-संग्रह)

Author :

Vinod Kumar Shukla

Publisher:

HIND YUGM

Rs179 Rs199 10% OFF

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Publisher

HIND YUGM

Publication Year 2024
ISBN-13

9789392820984

ISBN-10 9392820984
Binding

Paperback

Number of Pages 144 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 22 X 14 X 1.5
Weight (grms) 140
Subject

Poetry

भारतीय साहित्य संसार में किंवदंती की हैसियत पा चुके विनोद कुमार शुक्ल की कविता से परिचय 'मनुष्य होने के अकेलेपन में मनुष्य की प्रजाति' से परिचय है। इस काव्य-संसार से गुज़रना अपेक्षा से कुछ अधिक और अनिर्वचनीय पा लेने के सुख सरीखा है। यह आस्वाद आस्वादक को बहुत वक़्त तक विकल, चुप और प्रतिबद्ध रखता है। इससे गुज़रकर पृथ्वी में सहयोग और सहवास के अर्थ खुलते हैं और एकांत और सार्वभौमिकता के भी। इस काव्य-संसार में अपने आरंभ से ही कुछ संसार स्पर्श कर बहुत संसार स्पर्श कर लेने की चाह का वरण है और घर और संसार को अलग-अलग नहीं देख पाने की दृष्टि। पहाड़ों, जंगलों, पेड़ों, वनस्पतियों, तितलियों, पक्षियों, जीव-जंतुओं, समुद्र, नक्षत्रों और भाषाओं से उस परिचय के लिए जिसमें अपरिचित भी उतने ही आत्मीय हैं, जितने कि परिचित : विनोद कुमार शुक्ल के इस नवीनतम कविता-संग्रह 'एक पूर्व में बहुत से पूर्व' का पाठ एक अनिवार्य और समयानुकूल पाठ है।

Vinod Kumar Shukla

Born: January 1, 1937 जन्म : 1 जनवरी, 1937 को राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) में। सृजन : पहला कविता संग्रह 1971 में लगभग जयहिन्द (पहल सीरीज़ के अन्तर्गत), वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहनकर विचार की तरह (1981), सब कुछ होना बचा रहेगा (1992), अतिरिक्त नहीं (2000), कविता से लम्बी कविता (2001), कभी के बाद अभी (सभी कविता-संग्रह); 1988 में पेड़ पर कमरा (पूर्वग्रह सीरीज़ के अन्तर्गत) तथा 1996 में महाविद्यालय (कहानी संग्रह); नौकर की कमीज़ (1979), दीवार में एक खिड़की रहती थी, खिलेगा तो देखेंगे, हरी घास की छप्पर वाली झोपड़ी और बौना पहाड़ (सभी उपन्यास)। मेरियोला आफ्रीदी द्वारा इतालवी में अनुवादित एक कविता-पुस्तक का इटली में प्रकाशन, इतालवी में ही पेड़ पर कमरा का भी अनुवाद। इसके अलावा कुछ रचनाओं का मराठी, मलयालम, अंग्रेज़ी तथा जर्मन भाषाओं में अनुवाद।
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