HINDU : JEENE KA SAMRIDDH KABAAD

Author :

Bhalchandra Nemade

Publisher:

Rajkamal Prakashan

Rs1046 Rs1395 25% OFF

Availability: Available

Shipping-Time: Usually Ships 1-3 Days

    

Rating and Reviews

0.0 / 5

5
0%
0

4
0%
0

3
0%
0

2
0%
0

1
0%
0
Publisher

Rajkamal Prakashan

Publication Year 2015
ISBN-13

9788126727957

ISBN-10 9788126727957
Binding

Hardcover

Number of Pages 548 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 22.5 X 14.5 X 3.5
Description is not available.

Bhalchandra Nemade

"भालचन्द्र नेमाड़े महाराष्ट्र के सांगवी, ज़ि‍ला—जलगाँव में 27 मई, 1938 को जन्म। पुणे तथा मुम्‍बई विश्वविद्यालयों से एम.ए. और औरंगाबाद विश्वविद्यालय से पीएच.डी.। औरंगाबाद, लंदन, गोआ तथा मुम्‍बई विश्वविद्यालयों में अध्यापन। मुम्‍बई विश्वविद्यालय के गुरुदेव टैगोर चेयर ऑफ़ कम्पॅरेटिव लिटरेचर में प्रोफ़ेसर तथा विभाग प्रमुख। सन् 1998 में अवकाश प्राप्त। प्रमुख कृतियाँ : उपन्यास—‘कोसला’, ‘बिढ़ार’, ‘हूल’, ‘जरीला’ तथा ‘झूल’; काव्य—‘मेलडी’ तथा ‘देखणी’; आलोचना—‘साहित्याची भाषा’, ‘टीका स्वयंवर’, ‘साहित्य संस्कृति आणि जागतिकीकरण’, ‘Tukaram’ (साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित); ‘The influence of English on Marathi’; ‘Indo-Anglian Writings’; ‘Frantz Kafka : A Country Doctor’; ‘Nativism : Deshivad’। अनेक भाषाओं में रचनाओं के अनुवाद। सम्मान एवं पुरस्कार : ‘बिढ़ार’ (उपन्यास)—महाराष्ट्र साहित्य परिषद का ‘ह.ना. आपटे पुरस्कार’; ‘झूल’ (उपन्यास)—‘यशवंतराव चव्हाण पुरस्कार’; ‘साहित्याची भाषा’ (आलोचना)—‘कुरुंदकर पुरस्कार’; ‘टीका स्वयंवर’ (आलोचना)—‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’; ‘देखणी’ (कविता-संग्रह)—‘कुसुमाग्रज पुरस्कार’; समग्र साहित्यिक उपलब्धियों के लिए महाराष्ट्र फ़ाउंडेशन का ‘गौरव पुरस्कार’; शिक्षा एवं साहित्यिक योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा ‘पद्मश्री सम्मान’; ‘कुसुमाग्रज जनस्थान पुरस्कार’; ‘एन.टी. रामाराव नेशनल लिटरेरी अवार्ड’; ‘बसवराज कट्टिमणि नेशनल अवार्ड’, ‘महात्मा फुले समता पुरस्कार’; समग्र कृतित्व के लिए 50वाँ ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’।"
No Review Found
More from Author