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| Publisher | Unbound Script |
| Publication Year | 2026 |
| ISBN-13 | 9788169235778 |
| ISBN-10 | 8169235774 |
| Binding | Paperback |
| Number of Pages | 248 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Weight (grms) | 100 |
| Subject | Indian History |
यह किताब भगत सिंह की श्रद्धाभाव से लिखी गई कोई पारंपरिक जीवनी नहीं है। भगत सिंह के प्रति इसकी जिम्मेदारियाँ इससे कहीं ज़्यादा गहरी हैं। यह उनके आस-पास बिखरी कहानियों, खबरों, तथ्यों और इतिहास के रूप में स्थापित छवियों को पुनर्विचार के लिए नए सिरे से दरियाफ़्त करती है। इसके बीच से भगत सिंह का जो किरदार उभरता है, उसमें वे नायक तो बनते हैं, लेकिन गांधी खलनायक के रूप में नहीं दिखते। यह पुस्तक स्वाधीनता आंदोलन को 'बाइनरीज़' के स्थापित ढाँचे से बाहर निकालकर एक मुकम्मल शक्ल में देखना चाहती है—ताकि हमारे भारतीय गणराज्य को संपूर्णता में समझा जा सके। इसका उद्देश्य इतिहास को इतिहास सुनाना नहीं है, बल्कि वर्तमान को इतिहास बताना है, जिससे भविष्य के रास्ते तय होते हैं। अशोक कुमार पाण्डेय कश्मीर और स्वाधीनता आंदोलन के एक चर्चित इतिहासकार के रूप में जाने जाते हैं। वे विवादों से बचने वाले नहीं, बल्कि उन्हें और साफ़ करके उनके अंतर्विरोधों को सामने रखने वाले लेखक हैं। उनकी यह किताब आपके मन में भगत सिंह के बारे में घुमड़ रहे अनेक प्रश्नों को और स्पष्ट ढंग से पूछना सिखाएगी और संभवतः आपके कई सवालों के संतोषजनक जवाब भी देगी।
Ashok Kumar Pandey
Unbound Script