| Publisher |
Funda (An imprint of Radhakrishna Prakashan) |
| Publication Year |
2018 |
| ISBN-13 |
9788183618960 |
| ISBN-10 |
9788183618960 |
| Binding |
Paperback |
| Number of Pages |
207 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Dimensions (Cms) |
21 X 14 X 2.5 |
| Weight (grms) |
240 |
| Subject |
Contemporary Fiction |
नवीन चौधरी का यह उपन्यास बीती सदी के अंतिम दशक की छात्र-राजनीति के दांव-पेंच और उन्हीं के बीच पलते और दम तोड़ते मोहब्बत के किस्सों को बहुत जीवंत ढंग से सामने लाता है| जनता स्टोर, जो होने को जयपुर की एक दुकान भी है और और नहीं होने को वह देश भी है, जिसमें स्टोर करने की क्षमता बहुत है, जनता नहीं है|
Naveen Chaudhary
बिहार के मधुबनी ज़िले में जन्मे, जयपुर में पले-बढ़े और वर्तमान में नोएडा में रह रहे नवीन चौधरी मार्केटिंग प्रोफ़ेशनल हैं। ब्लॉगिंग के ज़रिए लेखन क्षेत्र में आए नवीन का छात्र राजनीति पर आधारित पहला उपन्यास 'जनता स्टोर' दैनिक जागरण-नील्सन की टॉप 10 हिन्दी बेस्टसेलर लिस्ट में रहा है। इनके लेख और व्यंग्य अख़बारों एवं न्यूज़ वेबसाइट्स में प्रकाशित होते रहे हैं। वे दैनिक भास्कर, आदित्य बिड़ला ग्रुप, दैनिक जागरण और ऑक्सफोर्ड युनिवर्सिटी प्रेस के ब्रांड एवं मार्केटिंग विभाग में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। वर्तमान में मार्केटिंग कंसल्टेंसी के अतिरिक्त ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रीनप्ले भी लिख रहे हैं।
सम्पर्क : naveen2999@gmail.com; www.naveenchoudhary.com
Naveen Chaudhary
Funda (An imprint of Radhakrishna Prakashan)