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Lahartara । लहरतारा

Author :

Vimal Chandra Pandey

Publisher:

HIND YUGM

Rs212 Rs249 15% OFF

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Publisher

HIND YUGM

Publication Year 2023
ISBN-13

9789392820595

ISBN-10 9392820593
Binding

Paperback

Edition 1st
Number of Pages 208 Pages
Language (Hindi)
Subject

Comics, Mangas & Graphic Novels

बनारस के एक छोटे से मोहल्ले में बड़ा होता एक लड़का घर के माहौल से ऊब कर संतों की संगति में बैठने लगता है और दुनिया देखने का उसका नज़रिया बदलने लगता है। वो बड़ा होकर लेखक बनना चाहता है और इस सपने को जीते हुए वह बचपन की दोस्तियों और जवानी के प्यार से रूबरू होता है। बनारस की बिंदास दोस्ती और मोहल्ले का प्रेम उसकी ज़िन्दगी में आकर कैसे उसे बदलता है और वो कैसे आज के समय के सबसे बड़े हादसे से गुज़रता है यानी भीड़ से घिरे होने के बावजूद अकेला पड़ जाना, इसी की कहानी है लहरतारा। चुटीली भाषा में बनारसी छौंक के साथ अपने समय का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण इसको ख़ास बनाता है।

Vimal Chandra Pandey

विमल चन्द्र पाण्डेय का जन्म 20 अक्टूबर, 1981 को बनारस, उत्तर प्रदेश में हुआ। शुरुआती पढ़ाई बनारस में ही। फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई और पाँच साल तक पत्रकारिता करने के बाद इस्तीफा। वर्तमान में फ्रीलांसिंग, लेखन और फिल्म-निर्देशन। उनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं—‘डर’, ‘मस्तूलों के इर्द-गिर्द’, ‘उत्तर प्रदेश की खिड़की’ और ‘मारण मंत्र’ (कहानी-संग्रह); ‘भले दिनों की बात थी’ (उपन्यास); ‘ई इलहाब्बाद है भइया’ (संस्मरण)। उनकी कहानियों और कविताओं के अनुवाद कन्नड़, मराठी, मलयालम, तमिल, गुजराती, रूसी और अंग्रेज़ी भाषाओं में हुए हैं। उनकी पहली फ़िल्म है ‘द होली फिश’ जिसके निर्देशन के अलावा लेखन और निर्माण भी उन्होंने स्वयं ही किया। दूसरी फ़िल्म ‘धतूरा’ रिलीज के लिए तैयार है। उन्हें ‘भारतीय ज्ञानपीठ नवलेखन पुरस्कार’ और ‘मीरा स्मृति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। ई-मेल : vimalchandrapandey1981@gmail.com
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