| Publisher |
HIND YUGM |
| Publication Year |
2025 |
| ISBN-13 |
9788119555819 |
| ISBN-10 |
8119555813 |
| Binding |
Paperback |
| Edition |
1st |
| Number of Pages |
184 Pages |
| Language |
(Hindi) |
निहाल पराशर का यह उपन्यास आपको दिल्ली यूनिवर्सिटी के उस रंग-बिरंगे संसार में ले जाता है, जहाँ हर मोड़ पर सपने और संघर्ष की कहानियाँ बिखरी पड़ी हैं। यह सिर्फ़ एक किताब नहीं, बल्कि उन अनकहे लम्हों की गवाही है जो हर युवा के दिल में कहीं गहरे बसे होते हैं।
यहाँ मिलेंगे आपको—अमोल, जो एक अनसुलझी कहानी की तलाश में है; शालिनी, जिसकी आँखों में बसी उदासी उसे सबकी नज़रों से अलग करती है; कुणाल, जिसका हर लफ्ज़ क्रांति की चिंगारी है; और अजीत, जिसकी बेफ़िक़्री में ही ज़िंदगी का असली स्वाद छुपा है।
कहानी उन दोस्तों की है, जो राजनीति, थिएटर और अधूरे सपनों के बीच अपनी पहचान खोजते हैं। जहाँ हर किरदार एक अधूरेपन के साथ जीता है, वहीं हर पन्ना आपको अपने बीते हुए कल से जोड़ता है।
क्या अमोल अपनी ‘दर्द भरी कहानी’ को जी पाएगा? क्या शालिनी की उदासी की परतों के पीछे छुपे राज़ खुल पाएँगे?
इस उपन्यास को अभी ऑर्डर करें और खो जाइए दिल्ली यूनिवर्सिटी की उन गलियों में, जहाँ हर मोड़ पर एक नई कहानी इंतज़ार कर रही है।
Nihal Parashar
निहाल पराशर का जन्म छपरा, बिहार में हुआ।
शुरुआती पढ़ाई पटना में हुई। कॉलेज के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय गए। अँग्रेज़ी साहित्य में स्नातक किया। फिर IIMC, दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की। थोड़े समय के लिए पत्रकारिता भी की।
साल 2010 से 2016 तक दिल्ली रंगमंच में सक्रिय रहे। कई नाटकों में अभिनय किया। साल 2017 में मुंबई नया घर बना। फ़िल्म जगत में बतौर पटकथा लेखक सक्रिय हुए। साथ ही साथ अभिनय भी करते रहे और रंगमंच से एक दूरी के साथ जुड़े भी रहे।
इनका लिखा नाटक ‘पटना का सुपरहीरो’ मुंबई के प्रतिष्ठित पृथ्वी थियेटर पर अगस्त 2022 में ओपन हुआ। देश के विभिन्न शहरों में खेला गया। नाटक ने ख़ासी लोकप्रियता हासिल की।
Nihal Parashar
HIND YUGM