Lucknow Ki Panch Raten

Author :

Ali Sardar Zafari

Publisher:

Rajkamal Prakashan

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Publisher

Rajkamal Prakashan

Publication Year 2017
ISBN-13

9788126708628

ISBN-10 9788126708628
Binding

Paperback

Number of Pages 116 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 21.5 x 14 x 1
Weight (grms) 358
उर्दू के आधुनिक लेखक और कवि अलि सरदार जाफरी प्रगतिशील आन्दोलन के भी अगुआ रहे हैं ! न केवल स्वतंत्रता-सेनानी, आन्दोलन के संगठन और कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने योगदान दिया बल्कि कविता के अलावा गद्य-लेखन और विशेषकर भक्ति आन्दोलन पर मौलिक काम किया है ! इस वर्ष उन्हें भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है ! सरदार जाफरी विख्यात मानवतावादी कवि पाब्लो नेरूदा और तुर्की कवि के मित्र रहे हैं ! उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में जन्मे जाफरी ने दुनिया भी देखि और वक्त के थपेड़े भी खाए ! लखनऊ की पांच रातें यात्राओं, दोस्तियों और देश-विदेश में फैले जाने-अनजाने व्यक्तियों के बारे में लिखी किताब है ! यह यात्रा-वृतांत, संस्मरण, आत्म-स्मरण और रेखाचित्र-सबों का मिला-जुला रूप है लेकिन इसमें जबर्दस्त पठनीयता है ! बलरामपुर से मुंबई और विदेश तक के सफ़र में अलीगढ के पड़ाव पर के.एम्. अशरफ जैसे शिक्षक, मुहम्मद हबीब, इरफ़ान हबीब जैसे इतिहासकार, सज्जाद जहीर, ख्वाजा अहमद अब्बास तथा इस्मत चुगताई जैसे प्रसिद्ध लेखकों का संग-साथ मिला ! लखनऊ के पड़ाव पर सिब्ते हसन, यशपाल, रशीदजहाँ और मजाज मिले ! लखनऊ की पांच रातें एक तरह से मजाज पर है ! दुर्लभ संस्मरणों की इस किताब में छोटे-छोटे मगर बड़ी अहमियतवाले प्रसंग आते जाते हैं तो उस सुनहरे दौर की रील आँखों के सामने घूम जाती है ! रूसी डाक्टरनी गेलेना से लेकर काक्स बाजार की चेहरू माँझी जैसी बेमिसाल स्त्रियों को भुलाना मुश्किल है ! यह छोटी-सी खूबसूरत किताब हर घर की शान समझी जाएगी

Ali Sardar Zafari

जन्म: 29 नवम्बर। जन्मस्थान: बलरामपुर, ज़िला- गोंडा, उत्तर प्रदेश। शिक्षा: पहले घर पर रहकर उर्दू-फ़ारसी और क़्ु$रआन मजीद की तालीम ली। फिर धार्मिक शिक्षा सुल्तानुल मदरसा, लखनऊ में। बलरामपुर लौटकर अंग्रेज़ी माध्यम से शिक्षा। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दाख़िला। हड़ताल में हिस्सेदारी के चलते विश्वविद्यालय से निष्कासन। बाद में एंग्लो-अरेबिक कॉलेज, दिल्ली से स्नातक की उपाधि। लखनऊ विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में एम.ए. की अधूरी पढ़ाई। आठ वृत्तचित्रों, धारावाहिकों का लेखन/निर्देशन। बाईस देशों की यात्राएँ। रवीन्द्रनाथ ठाकुर, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना आज़ाद, सत्यजित राय, पाब्लो नेरुदा, शोलोखोव, पास्तरनाक, लुई अरागाँ, श्चेव और पॉल राब्सन जैसी हस्तियों से मुलाक़ात-सोहबत। भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार समेत 21 पुरस्कारों से सम्मानित। मुम्बई में स्थायी निवास। प्रकाशित रचनाएँ: परवाज़, ख़ून की कहानी, अम्न का सितारा, एशिया जाग उठा, पत्थर की दीवार, लहू पुकारता है (कविता); नई दुनिया को सलाम, यह ख़ून किसका है, पैकार (नाटक); मंज़िल (कहानी); लखनऊ की पाँच रातें (संस्मरण); तरक़्क़ीपसंद अदब, इक़बालशनासी, पैग़म्बराने-सुख़न, ग़ालिब का सूफि़याना ख़याल (आलोचना)। निधन: 1 अगस्त, 2000
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