| Publisher |
Yuvaan Books |
| Publication Year |
2024 |
| ISBN-13 |
9789348497000 |
| ISBN-10 |
9348497006 |
| Binding |
Paperback |
| Edition |
First |
| Number of Pages |
180 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Dimensions (Cms) |
19X12X1 |
| Weight (grms) |
100 |
हुसैनगंज पुलिस को क्रिस्तानी कब्रिस्तान के बाहर एक लाश मिली है और रेलवे पुलिस को मंडावली रेलवे ट्रैक पर दूसरी लाश। क़ातिल आला दर्जे का शातिर है। वह दो अलग-अलग दायरे में काम करनेवाली पुलिस को आपस में उलझा देता है। और समस्या केवल यही नहीं है। यह भी है कि एक लाश के साथ तीन हाथ है। कौन मजलूम है और कौन मुजरिम। कौन मक़तूल है और कौन क़ातिल। अगर आप यह केस इंस्पेक्टर नकुल से पहले सुलझा पाते हैं तो सबसे पहले अपने दिमाग को ही शक के दायरे में खड़ा करें। क्योंकि फिर आप भी क़ातिल की तरह ही सोचते हैं।
Satya Vyas
सत्य व्यास हिंदी की नई पौध के लेखक हैं। अपनी पहली ही किताब \'बनारस टॉकीज\' से ये ‘नई वाली हिंदी’ का झंडा गाड़ चुके हैं। यह उपन्यास पिछले दो सालों से हिंदी का सबसे ज़्यादा बिकने वाली किताब रहा है। ब्लॉगिंग, कविता और फिल्मों के रुचि रखने वाले सत्य व्यास फ़िलहाल दो फिल्मों की पटकथा लिख रहे हैं। ‘दिल्ली दरबार’ इनका दूसरा उपन्यास है
Satya Vyas
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