Availability: Available
Shipping-Time: Usually Ships 1-3 Days
0.0 / 5
| Publisher | Unbound Script |
| Publication Year | 2025 |
| ISBN-13 | 9789348497161 |
| ISBN-10 | 9348497162 |
| Binding | Paperback |
| Number of Pages | 48 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Weight (grms) | 100 |
रवीन्द्र कालिया ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए बताया है कि उस जमाने में स्कूलों में पढ़ाई कैसे होती थी । टीचर सज़ा देने में आगे रहते और बच्चे शरारत करने में । इन यादों को पढ़कर तुममें से हर बच्चा अपने स्कूल की कहानी लिख सकता है। अथार्त इस किताब से बहुत सारी दिलचस्प किताबें पैदा हो सकती हैं। पढ़ो और लिखने बैठ जाओ । ममता कालिया प्रसिद्ध साहित्यकार
Ravindra Kalia
Unbound Script