| Publisher |
Rajkamal Prakashan |
| Publication Year |
2024 |
| ISBN-13 |
9789360864415 |
| ISBN-10 |
9360864412 |
| Binding |
Hardcover |
| Number of Pages |
262 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Subject |
Indian Writing |
‘पराजय’ अलेक्सान्द्र फ़देयेव का पहला उपन्यास है। क्रान्ति-विरोधियों के विरुद्ध क्रान्तिकारियों के छापामार युद्ध का इसमें व्यापक, गहन और प्रामाणिक चित्र प्रस्तुत किया गया है। वास्तविक जीवन का सहज वर्णन करते हुए लेखक ने चरित्रों के नैतिक विकास पर ज़ोर दिया है। फ़देयेव स्वयं छापामार रहे थे, जिस कारण इस उपन्यास का कथानक न केवल विश्वसनीय बन पड़ा है, बल्कि रूसी क्रान्ति में लेखक की आस्था को भी सच्चे, सटीक ढंग से सम्प्रेषित करता है।
Alexander Fadeyev
अलेक्सांद्र फ़देयेव (1901-1956) तत्कालीन सोवियत रूस के उन लेखकों में थे, जिनके रचना-कर्म को उनके सोवियत रूसी होने ने खासा प्रभावित किया। वे स्तालिन के घोर समर्थक और सोवियत यूनियन लेखक संघ के संस्थापकों में थे और 1946 से 1954 तक उसके अध्यक्ष भी रहे। 1956 में आत्महत्या से उनकी मृत्यु हुई। उल्लेखनीय है कि फ़देयेव की दुखद मृत्यु पर लेखक बोरिस पास्तरनाक ने भी लिखा, जो स्वयं स्तालिन के शासन में प्रताड़ित हुए थे।
Alexander Fadeyev
Rajkamal Prakashan