Prabhati Hindi Pathmala For Class - 2 (ICSE)

Author :

Dr Vinod singh Chauhan

,

Dr Triloknath Pandey

,

Vandana Chauhan

Publisher:

NEW SARASWATI HOUSE INDIA PVT LTD

Rs400

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Publisher

NEW SARASWATI HOUSE INDIA PVT LTD

Publication Year 2024
ISBN-13

9789353625764

ISBN-10 9353625769
Binding

Paperback

Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 29 X 19 X 0.8

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2020) एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (बुनियादी स्तर) 2022 पाठ्यचर्या संबंधी निर्देशों के अनुरूप तैयार पाठ्यपुस्तक शृंखला शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की राष्ट्रीय साक्षरता एवं संख्याज्ञान दक्षता पहल (निपुण भारत मिशन) के दिशानिर्देशों का अनुपालन व उल्लेख (कक्षा 1 से 03 तक) नवीन शैक्षणिक संरचना के अंतर्गत क्रमशः बुनियादी स्तर के लिए निर्धारित बहुस्तरीय एवं खेल आधारित शिक्षा पर बल आई-सी-एस-ई- समेत विभिन्न राज्य शिक्षा बोर्डों के लिए उपयुक्त एवं प्रभावी पाठ्यपुस्तक शृंखला शृंखला में भाषा सीखने सिखने के उत्तरोत्तर विकास क्रम को ध्यान में रखकर भाषा शिक्षण के चारों स्तंभों जैसे- ‘मौखिक भाषा का विकास, शब्द पहचानना, पढ़ना और लिखना’ पर बल दिया गया है। बच्चों के सूक्ष्म गत्यात्मक कौशलों के संवर्धन एवं खेल-खिलौना विधि को केंद्र में रखकर सीखने-सिखने पर बल पढ़ने-लिखने की शुरुआत के लिए बच्चों के जीवन एवं स्वयं से जुड़ी बातों, सूचनाओं को आधार बनाया गया है, जिससे यह प्रक्रिया सहज और अर्थपूर्ण हो। पूरी शृंखला में समस्त भाषागत दक्षताओं का ध्यान रख गया है, बच्चों की दृष्टि से पुस्तक को रोचक बनाने एवं उसमें विविधता लाने का प्रयास किया गया है। प्रिंट जागरूकता और ध्वनि जागरूकता, प्रतीकों और ध्वनियों के संबंध को समझने एवं आत्मसात करने के अवसर दिए गए हैं, इसमें लिखित शब्दों को पहचानना और लिखना दोनों शामिल हैं। लिखित सामग्री को पढ़कर अर्थग्रहण करते हुए उसकी आलोचनात्मक एवं समीक्षात्मक चिंतन की योग्यता विकसित करना भाषा को उत्तरोत्तर विकसित कर विद्यार्थी के लेखन में तार्किकता एवं व्यवस्थित ढंग से विचारों, सूचनाओं की प्रस्तुति की योग्यता विकसित करना रोचक एवं चित्ताकर्षक गतिविधियों, प्रश्नों के माध्यम से संज्ञानात्मक स्तरों एवं विभिन्न कौशलों का विकास बच्चों में समग्र भाषाई विकास के साथ-साथ श्रवण और दृश्य भेद, किताबों से जुड़ाव, प्रारंभिक साक्षरता, स्व-वर्तनी में लेखन एवं आत्म अभिव्यक्ति कौशलों का विकास आदि। बाल गीतों/कविताओं, कहानियों एवं अन्य विधाओं के माध्यम से लयात्मकता, संगीत, लोगोग्रापि़फ़क पठन, पूर्वानुमान लगाने जैसे कौशलों का विकास एवं भाषा अधिगम प्रक्रिया में रोचकता का समावेश दक्षता आधारित अधिगम (competency based learning) पर बल देने हेतु पाठ के अध्ययन उद्देश्यों, पाठ्यचर्या लक्ष्यों, दक्षताओं एवं अधिगम प्रतिफलों का उल्लेख अनुभवात्मक एवं आनंददायी अधिगम के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करना प्रत्येक पाठ में ‘विषय संवर्धक गतिविधियाँ’ के अंतर्गत सोच-विचार, समझ-बूझ, खोज-परख, कल्पना-अनुमान, मिल-जुलकर, परियोजना कार्य जैसे स्तंभ शामिल किए गए हैं, जो बच्चे की बहुप्रतिभाओं को उभारने और सँवारने का कार्य करेंगे। समग्र शिक्षा पर बल देने हेतु अंतरविषयी (यानी बहु-विषयक) सहसंबंध स्थापित कर अवधारणाओं एवं विषय को सीखने व समझने के पर्याप्त अवसर चयनित पाठों में सतत् विकास लक्ष्य (SDG'S) स्पष्ट रूप से इंगित विस्तृत शिक्षक संदर्शिका के अंतर्गत पाठ योजनाओं, हल सहित कार्यपत्रिकाओं एवं पाठांत प्रश्नों के उत्तर

Dr Vinod singh Chauhan

Dr Triloknath Pandey

Vandana Chauhan

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