Pratinidhi Kahaniyan (Hindi)

Author :

Rakesh Mishra

,

Manoj Rupada

Publisher:

Rajkamal Prakashan

Rs99

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Publisher

Rajkamal Prakashan

Publication Year 2022
ISBN-13

9789393768421

ISBN-10 9393768420
Binding

Paperback

Edition 1st
Number of Pages 168 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 18X12.5X1.5
Weight (grms) 196

मनोज रूपड़ा हमारे समय के ऐसे विलक्षण कथाकार हैं जिनकी कहानियाँ अतीत और वर्तमान के घातक टकराव के बीच किसी घटना की तरह सामने आती हैं। यथार्थ की जड़ता को ध्वस्त करने के लिए अमूमन वे अपने चरित्रों को किसी खास क्षण या मनःस्थिति में फ्रीज कर देते हैं और इसके बरक्स यथार्थ की गतिशीलता को बढ़ा देते हैं। कई बार यथार्थ और चरित्र दोनों ही गतिशील होते हैं पर परस्पर भिन्न दिशाओं में। वे अपने कथा-चरित्रों के बाहरी और भीतरी यथार्थ के बीच एक तनाव भरा गुंजलक रचते हैं जहाँ सब कुछ गुँथकर एक विस्फोट की तरह प्रकट होता है और तब ‘दफ़न’, ‘साज़-नासाज़’, ‘टॉवर ऑफ सायलेंस’ या ‘सेकेंड लाइफ’ जैसी कहानियाँ सामने आती हैं। स्मृति, स्वप्न, कल्पना और यथार्थ के सघन और मार्मिक तंतुओं से बुनी हुई उनकी कहानियों में दृश्य इतने चाक्षुस होकर सामने आते हैं कि पाठ के समय ये कहानियाँ कहीं भीतर दृश्यमान होकर अपने लिए एक नई ही अर्थवत्ता की तलाश करने लगती हैं।

Rakesh Mishra

राकेश मिश्र जन्म: 30 नवम्बर, 1964 को उ.प्र. के बलिया जनपद के ग्राम खूँटा बहोर वाँ में नानी के यहाँ। शिक्षा: प्रयाग विश्वविद्यालय से विधि स्नातक। भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्यरत। उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्रशासनिक पदों पर विगत 22 वर्षों से सेवारत। प्रकाशन: 2002 में काव्य-संग्रह 'शब्दगात’ प्रकाशित। अन्य कृतियों में 'जि़न्दगी एक कण है’, 'चलते रहे रात भर’, 'अटक गई नींद’ काव्य-संग्रह प्रकाशित।

Manoj Rupada

मनोज रूपड़ा का जन्म 16 दिसम्बर, 1963 को गुजरात में हुआ उनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं—‘दफ़न और अन्य कहानियाँ’, ‘साज़-नासाज़’, ‘टॉवर ऑफ साइलेंस’, ‘आमाज़गाह’, ‘अनुभूति’, ‘दहन’ (कहानी-संग्रह); ‘प्रतिसंसार’, ‘काले अध्याय’ (उपन्यास); ‘कला का आस्वाद’ (वैचारिक निबन्ध)। लगभग सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में उनकी कहानियों के अनुवाद प्रकाशित हुए हैं। कथा साहित्य के अलावा आजकल चित्रकारी में भी सक्रिय। दुर्ग और मुम्बई में लम्बा वक्त बिताने के बाद पिछले कई सालों से नागपुर में रहनवारी। उन्हें ‘वनमाली कथा सम्मान’, ‘इन्दु शर्मा कथा सम्मान’, ‘पाखी सम्मान’ और ‘कथाक्रम सम्मान’ से सम्मानित किया जा चुका है। ई-मेल : manojrupada@gmail.com
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