Roshani, Chhipkali Aur Patanga । रोशनी, छिपकली और पतंगा

Author :

Arun Vijay

Publisher:

HIND YUGM

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Publisher

HIND YUGM

Publication Year 2026
ISBN-13

9788119555635

ISBN-10 8119555635
Binding

Paperback

Number of Pages 184 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 22 X 14 X 1.5
Weight (grms) 150

पुरानी कहानी है

हर कोई कह सकता है

इसलिए मैंने कही है।

कभी बहुत पहले आसमान देखकर कुछ और भी कहा था। क्या कहा था याद नहीं। पर आसमान देखने की कहानी याद है। उसमें पैरों की जड़ें लगातार महसूस होती रही थीं। उन्हीं जड़ों और आसमान का नतीजा है कि बचते-बचाते आज यहाँ पहुँच गए हैं। ये उन बचे हुए लोगों की कहानियाँ हैं।

इन कहानियों में एक पेंटर है जो उन लोगों के चेहरे बनाता है जिनसे उसे जितना प्रेम है, उससे कहीं ज़्यादा डर। एक फोटोग्राफर है जो कोनों की फोटो लेता है लेकिन पूरा घर नहीं देख पाता। एक जवान लेखक है जो बूढ़े लेखक से प्रेम और जलन के नमक जैसे संबंध में है। एक बेटा है जो पिता को छूने से डरता है। एक सपना नाम का घर है जो अंदर से खंडहर हो जाता है और बाहर से नया। और एक बूढ़ा है जो धीमे-धीमे भाषा, नाम और आख़िर में अपना होना भूल जाता है।

और,

कभी-कभी कहा हुआ पूर्ण विराम के आगे तक जाता है।

- अरुण विजय

Arun Vijay

अरुण विजय : जन्म 29 दिसंबर 1998 को लखीमपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ। अभी मुंबई में अपनी नींव रख रहे हैं। कहानीकार, अभिनेता और निर्देशक अरुण जितने इस त्रिकोण के भीतर हैं, उससे कहीं ज़्यादा बाहर भी। घूमने का खासा शौक़ रखते हैं। जितना फ़िल्मों, किताबों और कहानियों को जीते हैं, उतना ही जगहों, लोगों, और अनुभवों को भी। भाषा, ढाँचे, समय और अध्यात्म से लेकर घर, पेड़ और मुस्कुराहटें- सब इनकी रचनाओं के सजीव किरदार हैं। हिंदी भाषा से दुनिया देखते हैं, और दुनिया में ख़ुद को भी। ईमेल- arunsingh904@gmail.com
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