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| Publisher | HIND YUGM |
| Publication Year | 2026 |
| ISBN-13 | 9788119555635 |
| ISBN-10 | 8119555635 |
| Binding | Paperback |
| Number of Pages | 184 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Dimensions (Cms) | 22 X 14 X 1.5 |
| Weight (grms) | 150 |
पुरानी कहानी है
हर कोई कह सकता है
इसलिए मैंने कही है।
कभी बहुत पहले आसमान देखकर कुछ और भी कहा था। क्या कहा था याद नहीं। पर आसमान देखने की कहानी याद है। उसमें पैरों की जड़ें लगातार महसूस होती रही थीं। उन्हीं जड़ों और आसमान का नतीजा है कि बचते-बचाते आज यहाँ पहुँच गए हैं। ये उन बचे हुए लोगों की कहानियाँ हैं।
इन कहानियों में एक पेंटर है जो उन लोगों के चेहरे बनाता है जिनसे उसे जितना प्रेम है, उससे कहीं ज़्यादा डर। एक फोटोग्राफर है जो कोनों की फोटो लेता है लेकिन पूरा घर नहीं देख पाता। एक जवान लेखक है जो बूढ़े लेखक से प्रेम और जलन के नमक जैसे संबंध में है। एक बेटा है जो पिता को छूने से डरता है। एक सपना नाम का घर है जो अंदर से खंडहर हो जाता है और बाहर से नया। और एक बूढ़ा है जो धीमे-धीमे भाषा, नाम और आख़िर में अपना होना भूल जाता है।
और,
कभी-कभी कहा हुआ पूर्ण विराम के आगे तक जाता है।
- अरुण विजय
Arun Vijay
HIND YUGM