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Sadabahar kahanaiya - Acharya Chatursen Shastri

Author :

Acharya Chatursen Shastri

Publisher:

Yuvaan Books

Rs125

Availability: Available

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Publisher

Yuvaan Books

Publication Year 2023
ISBN-13

9789392088810

ISBN-10 9392088817
Binding

Paperback

Edition First
Number of Pages 128 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 15 X 10 X 1
Weight (grms) 100
Subject

Literature & Fiction

आचार्य चतुरसेन शास्त्री ने हिंदी के ऐतिहासिक और सामाजिक उपन्यासों को नया प्रस्थान दिया। स्पष्ट विषय, युग विशेष का समर्थ चित्रण, संस्कृतनिष्ठ तथा आलंकारिक भाषा-शैली में के नाते अलग से पहचाने जाते हैं। वैशाली की नगरवधू, वयं रक्षामः, सोमनाथ जैसे उनके उपन्यासों ने उन्हें लोगों के ज़ेहन में अमर कर दिया। उन्होंने अनेक विधाओं में लेखन कार्य किया है लेकिन उपन्यास और कहानियाँ ही उनकी प्रतिष्ठा का आधार हैं। यहाँ उनकी हर टेस्ट की कुछ श्रेष्ठ कहानियाँ दी जा रही हैं। आशा है आपको पसंद आएँगी।

Acharya Chatursen Shastri

आचार्य चतुरसेन शास्त्री का जन्म 26 अगस्त, 1891 को उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर जिले के चांदोख गाँव में हुआ। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा उनके गाँव के पास के ही एक स्कूल में हुई। जयपुर के संस्कृत कॉलेज से 1915 में उन्होंने आयुर्वेदाचार्य और शास्त्री की उपाधि प्राप्त की। 1917 में डीएवी कॉलेज, लाहौर में उनकी नियुक्ति प्रोफेसर के पद पर हुई। साहित्य के साथ-साथ इतिहास, राजनीति, धर्म, समाज, स्वास्थ्य-चिकित्सा आदि विषयों पर भी उन्होंने विपुल लेखन किया है। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘वैशाली की नगरवधू’, ‘सोमनाथ’, ‘वयं रक्षामः’, ‘सोना और खून’, ‘गोली’, ‘अपराजिता’, ‘पत्थर युग के दो बुत’, ‘रक्त की प्यास’, ‘हृदय की परख’, ‘बगुला के पंख’ (उपन्यास); ‘रजकण’, ‘अक्षत’, ‘मेरी प्रिय कहानियाँ’ (कहानी-संग्रह); ‘अन्तस्तल’, ‘मरी खाल की हाय’, ‘तरलाग्नि’ (निबन्ध-संग्रह); ‘राजसिंह’, ‘मेघनाथ’, ‘छत्रसाल’, ‘गांधारी’ (नाटक); ‘मेरी आत्मकहानी’ (आत्मकथा); ‘सत्याग्रह और असहयोग’, ‘गोलसभा’, ‘गांधी की आँधी’, ‘मौत के पंजे में जिन्दगी की कराह’ (राजनैतिक लेखन); ‘आरोग्यशास्त्र’, ‘सुगम चिकित्सा’ (चिकित्सा)। निधन : 2 फ़रवरी, 1960
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