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| Publisher | VANI PRAKSHAN |
| Publication Year | 2012 |
| ISBN-13 | 9788181431899 |
| ISBN-10 | 8181431898 |
| Binding | Hardcover |
| Number of Pages | 111 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Dimensions (Cms) | 21.5 x 14 x 1 |
| Weight (grms) | 400 |
दीक्षा', 'अवसर', 'संघर्षकीओर' तथा 'युद्ध' केअनेकसजिल्द, अजिल्दतथापॉकेटबुकसंस्करणप्रकाशितहोकरअपनीमहत्ताएवंलोकप्रियताप्रमाणितकरचुकेहैं।महत्वपूर्णपत्रपत्रिकाओंमेंइसकाधारावाहिकप्रकाशनहुआहै।उड़िया, कन्नड़, मलयालम, नेपाली, मराठीतथाअंग्रेज़ीमेंइसकेविभिन्नखण्डोंकेअनुवादप्रकाशितहोकरप्रशंसापाचुकेहैं।इसकेविभिन्नप्रसंगोंकेनाट्यरूपान्तरमंचपरअपनीक्षमताप्रदर्शितकरचुकेहैंतथापरम्परागतरामलीलामण्डलियाँइसकीओरआकृष्टहोरहीहैं।यहप्राचीनतातथानवीनताकाअद्भुतसंगमहै।इसेपढ़करआपअनुभवकरेंगेकिआपपहलीबारएकऐसीरामकथापढ़रहेहैं, जोसामयिक, लौकिक, तर्कसंगततथाप्रासंगिकहै।यहकिसीअपरिचितऔरअद्भुतदेशतथाकालकीकथानहींहै।यहइसीलोकऔरकालकी, आपकेजीवनसेसम्बन्धितसमस्याओंपरकेन्द्रितएकऐसीकथाहै, जोसार्वकालिकऔरशाश्वतहैऔरप्रत्येकयुगकेव्यक्तिकाइसकेसाथपूर्णतादात्म्यहोताहै।
Narendra Kohli
VANI PRAKSHAN