| Publisher |
HIND YUGM |
| Publication Year |
2023 |
| ISBN-13 |
9789392820304 |
| ISBN-10 |
9392820305 |
| Binding |
Paperback |
| Edition |
2nd |
| Number of Pages |
256 Pages |
| Language |
(Hindi) |
1947 के भारत-विभाजन के कारण बसरमल जेठाराम पुरस्वाणी नामक नौजवान की मातृभूमि सिंध, पाकिस्तान में ही छूट गई। और साथ ही छूट गई उसकी पहली मुहब्बत! उसे वापस पाने के लिए उसने अपने जीवन का सबसे ख़तरनाक दुस्साहस किया। एक दरवेश ने उससे कहा, “तुमने जो कुछ खोया है, वह तुम्हें किताबों में मिलेगा।” उसने मुंबई में एक लाइब्रेरी खोल ली। क्या उसे वे सब चीज़ें मिल पाईं? मुंबई का लैंड माफ़िया उसके पीछे पड़ा हुआ है। अपने घर वालों से परेशान एक नौजवान मैनेजमेंट छात्र उससे मित्रता करता है और एक काल्पनिक प्रेम-संबंध की रचना करता है। जाने कितने बरसों से चुप मंगण माँ एक गुड्डे को अपना बेटा समझ उसकी साज-संभाल करती है। एक बातूनी किताब की जिल्द इन सबके बीच आकर अपनी दारुण कथाएँ सुनाती है। इन सारे चरित्रों के बीच ‘सिमसिम’ नाम का एक दरवाज़ा है, जिसे खोलने का मंत्र किसी को नहीं पता। गीत चतुर्वेदी का यादगार उपन्यास ‘सिमसिम’ स्मृति, यथार्थ और कल्पना का एक मार्मिक आख्यान है। इसके अँग्रेज़ी अनुवाद को ‘पेन अमेरिका’ ने विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित ‘पेन/हैम ट्रांसलेशन ग्रांट अवार्ड’ किया है।
Geet Chaturvedi
27 नवंबर 1977 को मुंबई में जन्मे गीत चतुर्वेदी को हिंदी के सबसे ज़्यादा पढ़े जाने वाले समकालीन लेखकों में से एक माना जाता है। उनकी दस किताबें प्रकाशित हैं, जिनमें दो कहानी-संग्रह (‘सावंत आंटी की लड़कियाँ’ व ‘पिंक स्लिप डैडी’, दोनों 2010) तथा दो कविता-संग्रह (‘आलाप में गिरह’, 2010 व ‘न्यूनतम मैं’, 2017) शामिल हैं। ‘न्यूनतम मैं’ करीब दो साल तक हिंदी की बेस्टसेलर सूची में शामिल रहा। साहित्य, सिनेमा व संगीत पर लिखे उनके निबंधों का संग्रह ‘टेबल लैम्प’ 2018 में आया। कविता के लिए गीत को भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार तथा गल्प के लिए कृष्णप्रताप कथा सम्मान, शैलेश मटियानी कथा सम्मान व कृष्ण बलदेव वैद फेलोशिप मिल चुके हैं। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ सहित कई प्रकाशन संस्थानों ने उन्हें भारतीय भाषाओं के सर्वश्रेष्ठ लेखकों में शुमार किया है। गीत चतुर्वेदी की रचनाएँ देश-दुनिया की 19 भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं। उनकी कविताओं के अंगे्रज़ी अनुवाद का संग्रह ‘द मेमरी ऑफ नॉउ’ 2019 के बसंत में अमेरिका से प्रकाशित हुआ। उनके नॉवेल ‘सिमसिम’ के अंग्रेज़ी अनुवाद को (अनुवादक अनिता गोपालन) ‘पेन अमेरिका’ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ‘पेन-हैम ट्रांसलेशन ग्रांट’ अवार्ड किया है। गीत इन दिनों भोपाल रहते हैं।.
Geet Chaturvedi
HIND YUGM