Tedhe Medhe Raste

Author :

Bhagwaticharan Verma

Publisher:

Rajkamal Prakashan

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Publisher

Rajkamal Prakashan

Publication Year 2024
ISBN-13

9789360866273

ISBN-10 936086627X
Binding

Paperback

Number of Pages 412 Pages
Language (Hindi)
‘टेढ़े-मेढ़े रास्ते’ न केवल भगवतीचरण वर्मा के, बल्कि समग्र हिन्दी-कथा साहित्य के गिने-चुने श्रेष्ठतम उपन्यासों में एक है। इसमें सन् 1920 के बाद के वर्षों में भारतीय स्वतंत्रता-संग्राम में सक्रिय राजनीतिक विचारधाराओं और शक्तियों का बेहद सटीक और संश्लिष्ट चित्रांकन किया गया है। एक सामन्ती परिवार के भीतर प्रवेश करनेवाले तत्कालीन सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रभावों को और उनके फलस्वरूप पैदा होनेवाली स्थितियों को उनकी पूरी जटिलता में एक विशाल कैनवास पर उतारने में कथाकार सफल हुआ है। उपन्यास में पंडित उमानाथ तिवारी और उनके तीन पुत्रों की कथा के माध्यम से पूरे देश की उथल-पुथल का खाका खींच दिया गया है। कथानक के तमाम मोड़ों पर मार्मिक प्रसंगों की अवतारणा करके तथा विभिन्न पात्रों के वैचारिक संघर्षों के माध्यम से गांधीवाद, साम्यवाद, समाजवाद और परम्परागत भारतीय मूल्यों की कशमकश को प्रभावी तरीके से चित्रित किया गया है। चरित्रों के निर्माण और कथारस में अद्वितीय यह उपन्यास हिन्दी कथा-यात्रा का एक मील-पत्थर है।

Bhagwaticharan Verma

जन्म: 30 अगस्त, 1903 जन्मस्थान: उन्नाव जिले (उ.प्र.) का शफीपुर गाँव, इलाहाबाद से बी.ए., एल.एल.बी.। प्रारंभ में कविता- लेखन। फिर उपन्यासकार के नाते विख्यात। 1933 के करीब प्रतापगढ़ के राजा साहब भदरी के साथ रहे। 1936 के लगभग फिल्म कार्पोरेशन, कलकत्ता में कार्य। कुछ दिनों ‘विचार’ नामक साप्ताहिक का प्रकाशन-संपादन। इसके बाद बंबई में फिल्म-कथालेखन तथा दैनिक ‘नवजीवन’ का संपादन। फिर आकाशवाणी के कई केन्द्रों में कार्य। बाद में, 1957 में मृत्यु-पर्यंत स्वतंत्र साहित्यकार के रूप में लेखन। ‘चित्रलेखा’ उपन्यास पर दो बार फिल्म-निर्माण और ‘भूले-बिसरे चित्र’ साहित्य अकादमी से सम्मानित। पद्मभूषण तथा राज्यसभा की मानद सदस्यता प्राप्त। प्रकाशित पुस्तकें: अपने खिलौने, पतन, तीन वर्ष, चित्रलेखा, भूले-बिसरे चित्र, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, सीधी सच्ची बातें, सामर्थ्य और सीमा, रेखा, वह फिर नहीं आई, सबहिं नचावत राम गोसाईं, प्रश्न और मरीचिका, युवराज चूण्डा, धुप्पल (उपन्यास), प्रतिनिधि कहानियाँ, मेरी कहानियाँ, मोर्चाबंदी तथा सम्पूर्ण कहानियाँ (कहानी-संग्रह), मेरी कविताएँ, सविनय और एक नाराज़ कविता (कविता-संग्रह), मेरे नाटक, वसीयत (नाटक), अतीत के गर्त से, कहि न जाय का कहिए (संस्मरण), साहित्य के सिद्धांत तथा रूप (साहित्यालोचन)। निधन: 5 अक्तूबर, 1981
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