Vyavhar Kushalta (Hindi)

Author:

P. K. Arya

Publisher:

V & S Publisher

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Publisher

V & S Publisher

Publication Year 2015
ISBN-13

9789381448595

ISBN-10 9381448590
Binding

Paperback

Edition First
Number of Pages 128 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 21.3X14X1
Weight (grms) 104

व्यवहार कुशलता: इन दो शब्दों की सीढ़ियां बनाकर आप आसमान की ऊंचाइयां नाप सकते हैं, बशर्ते कि आप इस कला के धनी हों। भारत के प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू एवं अमेरिका के राष्ट्रपति रूज़वेल्ट की अपार लोकप्रियता का यही रहस्य था। आप कितने ही ज्ञानी, नीतिज्ञ या विद्वान हों, यदि व्यवहार-कला में निपुण नहीं हैं, तो अवश्य ही पिछड़ जाएंगे। इसलिए आज की दुनिया में स्थायी रूप से टिके रहने के लिए व्यवहार कुशल होना अनिवार्य हो गया है। आज जमाना बेहद जटिल हो चुका है, जबरदस्त प्रतिस्पर्धा और होड़ मची हुई है। व्यवहार कुशलता सही मायने में आपकी जीत का अचूक हथियार है। वास्तव में यह एक हुनर है। इसे आप अच्छी तरह आत्मसात् कर लें। इस पुस्तक ‘व्यवहार कुशलता’ में बड़े सटीक ढंग से समझाया गया है कि इस कला द्वारा आप लोगों से सम्पर्क कर संबंधों को आत्मीय, मधुर और स्थायी कैसे बनाए रख सकते हैं, ताकि जीवन में कोई रुकावट न आने पाए और आसानी से उन्नति की ओर बढ़ते चले जाएं।

P. K. Arya

डॉ पी के आर्य लेखन और पत्रकारिता से समान रूप से जुड़े है। देश के विभिन्न पत्र - पत्रकारिताओं में गत डेढ़ दशक में इनकी लगभग २२०० रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं।
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