| Publisher |
Vani Prakashan |
| Publication Year |
2017 |
| ISBN-13 |
9789352297078 |
| ISBN-10 |
9352297075 |
| Binding |
Hardcover |
| Number of Pages |
198 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Weight (grms) |
500 |
| Subject |
Society & Social Sciences |
"सामाजिक-आर्थिक जीवन' खण्ड में विभिन्न आदिवासी समुदायों के सामाजिक-आर्थिक जीवन तथा उनके विकास से सम्बन्धित विभिन्न समस्याओं पर अधिकारी लेखकों के लेख व कहा जाये पड़ताल इस खण्ड में है। कुछ आदिवासी समुदायों के निरन्तर संघर्षों के फलस्वरूप निर्मित अपने अलग झारखण्ड राज्य में भी आदिवासी शोषित और पीड़ित हैं। वर्तमान राजनीति के दोगलेपन का शिकार ये आदिवासी हुए हैं। अन्यत्र भी कमोबेश यही स्थितियाँ हैं। जल-जंगल-ज़मीन को लेकर उनका संघर्ष अब भी जारी है। अपनी अस्मिता की तलाश की जद्दोजहद में आज समूचे देश की आदिवासी जातियों-जनजातियों के साथ बुद्धिजीवी-विचारक-शोधकर्त्ता सभी जुड़ रहे हैं। नये अध्ययन और शोध पटल पर आ रहे हैं। इन कतिपय शोध-रिपोर्टों और अध्ययनों को भी इस खण्ड में शामिल किया गया है। यह पुस्तकमाला सदियों से जल-जंगल-ज़मीन और अपनी स्वतन्त्र अस्मिता की तलाश में संघर्षरत विभिन्न आदिवासी समुदायों की गाथा प्रस्तुत करने का प्रयास है।'
Kumar Chauhan
Smt. Renu Chauhan
Kumar Chauhan
,Smt. Renu Chauhan
Vani Prakashan