| Publisher |
HIND YUGM |
| Publication Year |
2020 |
| ISBN-13 |
9789387464858 |
| ISBN-10 |
9387464857 |
| Binding |
Paperback |
| Edition |
1st |
| Number of Pages |
304 Pages |
| Language |
(Hindi) |
विचित्र लाशें, रहस्यमय संकेत, मेडीकल रिपोर्ट, कुछ पुराने यंत्र, अधूरी पांडुलिपियाँ, दिल दहलाने वाली हत्याओं का अंतहीन सिलसिला, उन्हें जोड़ने वाली एक साधारण वसीयत, और एक पुरातन सत्य जो इतिहास से सदैव लुप्त रहा। श्रीमंत परिवार के साथ अपने दोस्त रोहन की मौत की जाँच करने में जुटे इंस्पेक्टर जयंत और उसके साथी डॉ. मजूमदार, रोहन की साधारण वसीयत की जड़ें खंगाल रहे थे तो दूसरी तरफ़ नेशनल लैब के डायरेक्टर डॉ. वर्मा अपने अनेक एजेंटों की जान पर भारी पड़ रही अजीब वस्तुओं की गुत्थी में उलझे हुए थे जिसके तार रोहन से जुड़ रहे थे। कौन जानता था कि वह मुमुक्षुओं और चिरंजीवियों के सदियों पुराने उस रक्तरंजित युद्ध में घिरते जा रहे थे जो समाप्त होने पर भी अनवरत जारी था और उस रहस्यमय सत्य का रक्षक था जो सदैव से इतिहास से दूर रहने को शापित था। मूक इतिहास की सदियों पुरानी परतों में दबा सत्य प्रत्यक्ष होने के लिए उचित पात्र की प्रतीक्षा में था। एक साधारण वसीयत से आरंभ श्रीमंत परिवार और इंस्पेक्टर जयंत का सफ़र उस मोड़ पर पहुँच गया जब जीवन से अधिक कुछ और महत्वपूर्ण हो गया। मुमुक्षुओं और चिरंजीवी के टकराव के बीच पिसते श्रीमंत परिवार को रोहन की वसीयत के सत्य को खोजते हुए उस पुरातन वचन की रक्षा करनी थी जिससे पूरी मानवता का भविष्य जुड़ा था।
Saurabh Kudesia
सौरभ कुदेशिया पिछले बीस वर्षों से पेशेवर लेखक और मैनेजर के तौर पर विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियों से जुड़े रहे हैं। अपने पेशेवर कैरियर में इन्होंने भारत, चीन, अमेरिका और यूरोप में अनेक टीम और अनगिनत प्रोजेक्ट्स का संचालन किया है। नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर अनगिनत विषयों पर कई शोध-पत्र प्रस्तुत करने के साथ इन्होंने अनगिनत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के लिए स्वयंसेवक के तौर पर काम किया है।
सौरभ बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिलानी, आईआईएम बेंगुलुरु, एवं सिम्बायोसिस पुणे से पोस्ट ग्रैजुएट हैं।
सौरभ इस पुस्तक से पहले बहुचर्चित पाँच पुस्तकों की शृंखला ‘महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा’ लिख चुके हैं।
‘महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा’ की 5 पुस्तकें—
1) आह्वान
2) स्तुति
3) आहुति
4) अग्निहोत्र
5) स्वाहा
Saurabh Kudesia
HIND YUGM