| Publisher |
HIND YUGM |
| Publication Year |
2020 |
| ISBN-13 |
9788194653820 |
| ISBN-10 |
8194653827 |
| Binding |
Paperback |
| Edition |
1st |
| Number of Pages |
455 Pages |
| Language |
(Hindi) |
महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा का यह दूसरा चरण है। रोहन की वसीयत और उससे जुड़ी रोंगटे खड़े करने वाली वस्तुओं की गुत्थी में उलझे श्रीमंत परिवार को उस रहस्यमय यज्ञ के दर्शन हुए जिसे अदृश्य मुमुक्षुओं ने कुरुक्षेत्र में महाविनाश के उत्सव से दूर अपने त्याग, समर्पण और निष्ठा से श्रीकृष्ण के आदेश पर मानवता के चरणों में समर्पित किया था। किन्तु द्वापरयुग के गर्भ में पोषित वह दिव्य यज्ञ कलयुग में श्रीमंत परिवार के जीवन और मानवता के भविष्य का निर्णायक कैसे बना? उससे रोहन की वसीयत का क्या जुड़ाव था?.
Saurabh Kudesia
सौरभ कुदेशिया पिछले बीस वर्षों से पेशेवर लेखक और मैनेजर के तौर पर विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियों से जुड़े रहे हैं। अपने पेशेवर कैरियर में इन्होंने भारत, चीन, अमेरिका और यूरोप में अनेक टीम और अनगिनत प्रोजेक्ट्स का संचालन किया है। नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर अनगिनत विषयों पर कई शोध-पत्र प्रस्तुत करने के साथ इन्होंने अनगिनत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के लिए स्वयंसेवक के तौर पर काम किया है।
सौरभ बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिलानी, आईआईएम बेंगुलुरु, एवं सिम्बायोसिस पुणे से पोस्ट ग्रैजुएट हैं।
सौरभ इस पुस्तक से पहले बहुचर्चित पाँच पुस्तकों की शृंखला ‘महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा’ लिख चुके हैं।
‘महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा’ की 5 पुस्तकें—
1) आह्वान
2) स्तुति
3) आहुति
4) अग्निहोत्र
5) स्वाहा
Saurabh Kudesia
HIND YUGM