Aatanki Mor

Author :

Ankita Jain

Publisher:

Unbound Script

Rs169 Rs199 15% OFF

Availability: Available

Shipping-Time: Usually Ships 1-3 Days

    

Rating and Reviews

0.0 / 5

5
0%
0

4
0%
0

3
0%
0

2
0%
0

1
0%
0
Publisher

Unbound Script

Publication Year 2023
ISBN-13

9788119745265

ISBN-10 8119745264
Binding

Paperback

Number of Pages 128 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 19.5 X 12.5 X 0.5
Weight (grms) 100

इस बाल उपन्यास में बच्चों के साहस और जिज्ञासा की दुनिया खुलती है. इसमें दो बच्चे हैं- चीनू और मीनू. वो दोनों शहर से अपने नानी के गाँव जाते हैं और वहाँ मोरों के बहाने बच्चों के अपहरण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हैं. यह बहुत आसान भाषा में लिखी गयी जासूसी कहानी है. इसके नायक बच्चे हैं. इसमें गाँव का जीवन, प्रकृति, आपसी जुड़ाव सब कुछ सामने आता है. पढ़ने में इतनी सरस है कि पाठक बस पेज़-दर-पेज़ पढ़ता ही चला जाए. इसकी लेखिका अंकिता जैन हिंदी की प्रतिष्ठित युवा कथाकार हैं. यह उनकी छठीं किताब है. उनकी रचनाएँ हिंदी की प्उरतिष्न्हेंठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं. उन्हें 'मेदनी' पुरस्कार सहित अनेक महत्त्वपूर्ण सम्मान मिल चुके हैं.

Ankita Jain

चम्बल की घाटियों में बसे एक छोटे से गाँव जौरा की रहने वाली अंकिता आजकल सतपुड़ा की वादियों में बसे जशपुरनगर में अपने गृहस्थ जीवन और लेखन दोनों को आनंद ले रही हैं। यूँ तो अंकिता ने बनस्थली विद्यापीठ से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में M.Tech करने के बाद CDAC, Pune में साल भर Artificial Intelligence में शोधकार्य किया। फिर भोपाल के बंसल कॉलेज में बतौर प्राध्यापक पढ़ाया भी। लेकिन नौकरी से उखड़े मन ने उन्हें लेखन जगत में ला खड़ा किया। जहाँ उन्होंने बतौर सम्पादक एवं प्रकाशक मासिक पत्रिका ‘रूबरू दुनिया’ का तीन साल प्रकाशन किया। जो अब जल्द ही मोबाइल एप के रूप में पाठकों के बीच होगी। लेखन जगत में अंकिता को उनका पहला ब्रेक फ़्लैश मोब गीत ‘मुंबई143’ से मिला जिसके बोल अंकिता ने लिखे थे। जो सबसे बड़ा फ़्लैश मोब होने की वजह से लिम्का बुक ऑफ़ नेशनल रिकॉर्ड में अपनी जगह बना चुका है। उसके बाद अंकिता की लिखी कहानी को अंतरराष्ट्रीय कहानी लेखन प्रतियोगिता में टॉप टेन में जगह मिली तो उन्हें लगा कि वो थोड़ा-बहुत कहानी लिख सकती हैं। इस ख़याल ने इन्हें बिग एफ़एम के फ़ेमस शो 'यादों का इडियट बॉक्स' एवं 'यूपी की कहानियाँ' तक पहुँचाया। रेडियो पर अब तक अंकिता की दो दर्जन कहानियाँ प्रसारित हो चुकी हैं। 2015 में अंकिता के लिखे पहले अंग्रेज़ी उपन्यास 'The Last Karma' को पाठकों ने पसंद किया। इस संग्रह के साथ अंकिता अपनी पहली हिंदी किताब लेकर आपके समक्ष उपस्थित हैं।
No Review Found
More from Author