Imperfect Maa

Author :

Ankita Jain

Publisher:

Unbound Script

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Publisher

Unbound Script

Publication Year 2025
ISBN-13

9789347125232

ISBN-10 9347125237
Binding

Paperback

Number of Pages 228 Pages
Language (Hindi)
Weight (grms) 100

एक माँ के रूप में ख़ुद को और अपने बच्चे को बेहतर समझने का अवसर देती है यह किताब । पैरेंट्स बनने से पहले मन में अनगिनत संशय, उत्सुकताएँ और भय होते हैं और पैरेंट्स बन जाने के बाद तो हर क्षण कुछ-न-कुछ बदलता रहता है- पल-प्रतिपल नयी चुनौतियाँ सामने आती हैं और सलाह की ज़रूरत महसूस होती है। पहले हम यह सलाह दादी-ताई से लेते थे, आज इंटरनेट से लेते हैं । पर हम सब जानते हैं कि ऐसी सलाहें अक्सर उतनी मददगार नहीं होतीं, कई बार तो उलझन और बढ़ा देती हैं। यह किताब किसी भी तरह के निर्देश देने का दावा नहीं करती। इसके विपरीत, यह स्वीकार करती है कि हर माँ, हर बच्चा और हर परिस्थिति अलग होती है। इसलिए यह केवल अपने अनुभवों को साझा करती है - ताकि आप पढ़ते हुए कभी अपने अनुभवों से जुड़ सकें, और कभी उनसे अलग होकर अपनी स्थितियों को नये नज़रिये से समझ सकें ।

Ankita Jain

चम्बल की घाटियों में बसे एक छोटे से गाँव जौरा की रहने वाली अंकिता आजकल सतपुड़ा की वादियों में बसे जशपुरनगर में अपने गृहस्थ जीवन और लेखन दोनों को आनंद ले रही हैं। यूँ तो अंकिता ने बनस्थली विद्यापीठ से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में M.Tech करने के बाद CDAC, Pune में साल भर Artificial Intelligence में शोधकार्य किया। फिर भोपाल के बंसल कॉलेज में बतौर प्राध्यापक पढ़ाया भी। लेकिन नौकरी से उखड़े मन ने उन्हें लेखन जगत में ला खड़ा किया। जहाँ उन्होंने बतौर सम्पादक एवं प्रकाशक मासिक पत्रिका ‘रूबरू दुनिया’ का तीन साल प्रकाशन किया। जो अब जल्द ही मोबाइल एप के रूप में पाठकों के बीच होगी। लेखन जगत में अंकिता को उनका पहला ब्रेक फ़्लैश मोब गीत ‘मुंबई143’ से मिला जिसके बोल अंकिता ने लिखे थे। जो सबसे बड़ा फ़्लैश मोब होने की वजह से लिम्का बुक ऑफ़ नेशनल रिकॉर्ड में अपनी जगह बना चुका है। उसके बाद अंकिता की लिखी कहानी को अंतरराष्ट्रीय कहानी लेखन प्रतियोगिता में टॉप टेन में जगह मिली तो उन्हें लगा कि वो थोड़ा-बहुत कहानी लिख सकती हैं। इस ख़याल ने इन्हें बिग एफ़एम के फ़ेमस शो 'यादों का इडियट बॉक्स' एवं 'यूपी की कहानियाँ' तक पहुँचाया। रेडियो पर अब तक अंकिता की दो दर्जन कहानियाँ प्रसारित हो चुकी हैं। 2015 में अंकिता के लिखे पहले अंग्रेज़ी उपन्यास 'The Last Karma' को पाठकों ने पसंद किया। इस संग्रह के साथ अंकिता अपनी पहली हिंदी किताब लेकर आपके समक्ष उपस्थित हैं।
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