Availability: Available
Shipping-Time: Same Day Dispatch
0.0 / 5
| Publisher | AMAR CHITRA KATHA PVT. LTD. |
| ISBN-13 | 9788184823332 |
| ISBN-10 | 8184823339 |
| Binding | Paperback |
| Number of Pages | 32 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Weight (grms) | 100 |
Amar Chitra Katha Madadgar Birbal Hindi - बीरबल, जिनका असली नाम 'महेशदास' था, अकबर महान के दरबारी सलाहकारों के 'नौ रत्नों' में से एक थे। वे 'ब्रह्मा' उपनाम से कविताएँ लिखते थे। उन्होंने सुदूर अफगानिस्तान में एक प्रसिद्ध अभियान का नेतृत्व किया और वहाँ की अशांति को शांत करने में सफल रहे। उनकी मृत्यु की खबर सुनकर अकबर क्रोधित हो उठे: "बीरबल, तुमने हमेशा बेसहारा लोगों को अपना सब कुछ दे दिया। मैं अब बेसहारा हूँ और फिर भी तुमने मेरे लिए कुछ नहीं छोड़ा!" हालाँकि, बीरबल का नाम केवल इन उपलब्धियों तक ही सीमित नहीं है। वे अपनी चतुराई, बुद्धिमत्ता, न्याय और निष्पक्षता की भावना और सबसे बढ़कर, अपने विरोधियों को करारा जवाब देने की अपनी अद्भुत क्षमता की अनगिनत कहानियों के कारण एक किंवदंती बन गए। यहाँ चार कहानियों का एक उदाहरण दिया गया है। एक कहानी में, कुछ दुष्ट दरबारी अकबर को बीरबल को फाँसी देने के लिए उकसाने की कोशिश करते हैं ताकि वह जान सकें कि अकबर के पूर्वज स्वर्ग में कैसे हैं। पढ़िए कैसे बीरबल इस और कई अन्य जालों से बच निकलते हैं।
Amar Chitra Katha
AMAR CHITRA KATHA PVT. LTD.