Buy Anhad Ki Kalam Se (Hindi), 9789373170596 at Best Price Online - Buy Books India

Anhad Ki Kalam Se (Hindi)

Author :

Suhas Mishra

Publisher:

SARVATRA

Rs224 Rs299 25% OFF

Availability: Available

Shipping-Time: Usually Ships 3-5 Days

    

Rating and Reviews

0.0 / 5

5
0%
0

4
0%
0

3
0%
0

2
0%
0

1
0%
0
Publisher

SARVATRA

Publication Year 2026
ISBN-13

9789373170596

ISBN-10 9373170597
Binding

Paperback

Number of Pages 172 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 22 X 14 X 1.5
Weight (grms) 170
Subject

Fiction/non-fiction

ये व्यग्रता, ये आकुलता, और ये विचारों का सैलाब ! कहीं कुछ और है इस सैलाब से जुदा.. वो क्या है, कहाँ है और कैसा है उसका रूप... “अनहद की क़लम से” उन कविताओं का संग्रह है जो जीवन के स्थूल और सूक्ष्म अनुभवों से स्वतः उपजी अभिव्यक्तियाँ हैं - जिनमें जिज्ञासा, द्वन्द्व, प्रेम, तड़प, धैर्य, विश्वास, और समर्पण, निरंतर गतिमान वर्तुलों में प्रकट होते हैं। इन कविताओं के प्रश्न किसी आश्वासन की चाह से नहीं उपजते, न ही वे पूर्वनिर्मित या आरोपित उत्तरों में तृप्ति पाते हैं। वे मौन, साक्षी और विवेक के मार्ग से चलते हुए, समर्पण और अद्वैत के निर्विकल्प में धीरे-धीरे विलीन होने लगते हैं। संपूर्ण संग्रह का सहज, आत्मीय और चिंतनशील स्वर, पाठक को उसके भीतर की यात्रा में आमंत्रित करता है और उसे मौन तथा अद्वैत की अंतरानुभूति से परिचित कराता है।

Suhas Mishra

सुहास मिश्र पेशे से इंजीनियर एवं व्यवसाय - प्रबंधक हैं, जिन्होंने कॉरपोरेट जगत में दीर्घ अनुभव के साथ-साथ अपनी सृजनात्मक संवेदना को निरंतर जीवित रखा। उनकी कविताएँ जीवन के अनुभवों से उपजी उस आंतरिक यात्रा की अभिव्यक्ति हैं, जहाँ प्रश्न परिपक्व होते हैं, अनुभूति गहराती है और मौन भी अर्थवान हो उठते हैं। उनकी कविताएँ किसी निष्कर्ष की घोषणा नहीं करतीं, बल्कि पाठक को उसकी अपनी अनुभूति से संवाद के लिए आमंत्रित करती हैं। “अनहद की क़लम से” उनका पहला कविता-संग्रह है, जिसमें उनकी भीतर की यात्रा ने काव्य-स्वर पाया है।
No Review Found
Similar Books