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| Publisher | SARVATRA |
| Publication Year | 2026 |
| ISBN-13 | 9789373170596 |
| ISBN-10 | 9373170597 |
| Binding | Paperback |
| Number of Pages | 172 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Dimensions (Cms) | 22 X 14 X 1.5 |
| Weight (grms) | 170 |
| Subject | Fiction/non-fiction |
ये व्यग्रता, ये आकुलता, और ये विचारों का सैलाब ! कहीं कुछ और है इस सैलाब से जुदा.. वो क्या है, कहाँ है और कैसा है उसका रूप... “अनहद की क़लम से” उन कविताओं का संग्रह है जो जीवन के स्थूल और सूक्ष्म अनुभवों से स्वतः उपजी अभिव्यक्तियाँ हैं - जिनमें जिज्ञासा, द्वन्द्व, प्रेम, तड़प, धैर्य, विश्वास, और समर्पण, निरंतर गतिमान वर्तुलों में प्रकट होते हैं। इन कविताओं के प्रश्न किसी आश्वासन की चाह से नहीं उपजते, न ही वे पूर्वनिर्मित या आरोपित उत्तरों में तृप्ति पाते हैं। वे मौन, साक्षी और विवेक के मार्ग से चलते हुए, समर्पण और अद्वैत के निर्विकल्प में धीरे-धीरे विलीन होने लगते हैं। संपूर्ण संग्रह का सहज, आत्मीय और चिंतनशील स्वर, पाठक को उसके भीतर की यात्रा में आमंत्रित करता है और उसे मौन तथा अद्वैत की अंतरानुभूति से परिचित कराता है।
Suhas Mishra
SARVATRA