Bal Bhasha Bharti for Class 3

Author :

Goyal Brothers Editorial Team

Publisher:

GOYAL BROTHERS PRAKASHAN

Rs340

Availability: Available

Shipping-Time: Usually Ships 1-3 Days

    

Rating and Reviews

0.0 / 5

5
0%
0

4
0%
0

3
0%
0

2
0%
0

1
0%
0
Publisher

GOYAL BROTHERS PRAKASHAN

Publication Year 2025
ISBN-13

9788183893657

ISBN-10 8183893651
Binding

Paperback

Language (Hindi)

देश के विद्यालयी शिक्षा में हिंदी भाषा के विकास एवं हिंदी की पाठ्य पुस्तकों में एकरूपता लाने के लिए भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (Ministry Of HRD)) ने विशेष बल दिया है। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास को चरम लक्ष्य मानकर इसके लिए कुछ संस्तुतियाँ प्रस्तुत कौ हैं। उन संस्तुतियों को आधार मानकर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली (NCRT) ने एक देशव्यापी कार्ययोजना बनाई है, जो राष्ट्रीय पाठ्यचर्या 'कीौ रूपरेखा (NCF02005) के नाम से लागू है। इस कार्ययोजना को देश के अधिकांश राज्यों के शिक्षा बोडो ने भी मान्यतादे दी है। उसी कार्ययोजना के अनुरूप प्रस्तुत *बाल 'भाषा भारती ' पाठ्य पुस्तक शृंखला में आमूल परिवर्तन किया गया है।


इस श्रृंखला का भाषायी स्तर अपेक्षाकृत सरल रखा गया है, ताकि हिंदीभाषी क्षेत्रो के छात्रो के साथ-साथ अहिंदी भाषी क्षेत्र के छात्र भी लाभान्वित हो सकें। *बाल भाषा भारती' पाठ्यपुस्तक शृंखला केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), नई दिल्ली, इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ़ सेकॅंडरी एज्युकेशन एक्जञामिनेशन (ICSE) एवं अन्य राज्य शिक्षा बोडा. (ICSE) कौ संस्तुतियो के अनुरूप तैयार की गई है।


बाल भाषा भारती पाठ्यपुस्तक शृंखला के अंतर्गत भाषा सीखने के चारों कौशल-सुनना, बोलना, पढूना तथा 'लिखना-पर पर्याप्त बल दिया गया है।


बाल भाषा भारती पुस्तक शृंखला के इस नवीन संस्करण के अंतर्गत निम्नलिखित पुस्तकें हैं-


1. बाल भाषा भारती प्रवेशिका


2. बाल भाषा भारती पाठ्य पुस्तक भाग । से 8 तक


3. बाल भाषा भारती अभ्यास-पुस्तिका भाग 1 से 8 तक


4. बाल भाषा भारती अध्यापक-पुस्तिका भाग । से 8 तक


उपर्युक्त पुस्तक शृंखला की पाठ्य पुस्तकों की विशेषताऐँ इस प्रकार है - बच्चों कौ उप्र एवं बाल मनोविज्ञान के अनुरूप पाठों एवं अभ्यासों कौ सरलतम प्रस्तुति।



  • बाल भाषा भारती पाठ्य पुस्तक शृंखला में जीवन-मूल्यो और नैतिक मूल्यो कौ प्रस्तुति पारंपरिक उपदेशात्मक शैली से हटकर विविध विधाओं में रोचक ढंग से कौ गई है।

  • हिंदी साहित्य कौ सभी विधाओ-कविता, कहानी, चित्रकथा, एकांकी, जीवनी, लेख, निबंध, संस्मरण, प्रेरक प्रसंग, पत्र, डायरी, वार्तालाप आदि पाठो-के सुव्यवस्थित योजना-क्रम में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखा गया है!

  • कविता-पाठ, समूह-गान, संवादात्मक लेख तथा एकांकी इत्यादि दूवारा बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति मॅ व्यापक रूप से क्रमिक सुधार लाया जा सकता है। साथ ही उनकी आंतरिक प्रतिभा-गायन, बाचन अथवा अभिनय कला-भी विकसित हो सकेगी।

  • प्रस्तुत थुंखला कौ सुव्यवस्थित पाठ-योजना में देश-प्रेम, राष्ट्रीय एकता, साहस, वीरता, त्याग-बलिदान आदि जीवन-मूल्यों को उभारने वाले पाठ व प्रेरक प्रसंग सम्मिलित हँ, जो हमारे देश के गौरवपूर्ण अतीत का ज्ञान करते हँ एवं बच्चों में स्वाभिमान कौ भावना जाग्रत करते है।

  • प्रकृति-प्रेम, सौंदर्य-बोध, पर्यावरण-सजगता, पर्यावरण-संरक्षण के उपाय, प्राणी जगत की जानकारी, जीबमात्र के प्रति दया ब प्रेम इत्यादि भावनाओं को पुष्ट करने के लिए इनमें विभिन्न पाठों का समावेश किया गया है।

  • भारतीय संस्कृति का ज्ञान, ऐतिहासिक तथा धार्मिक वस्तुओं की समुचित सुरक्षा, पर्वो का महत्त्व एवं 2226 आवश्यकता, सामाजिक सहयोग, पारस्परिक सद्भाव, कर्तव्य-पालन, अनुशासन, समय-पालन,

Goyal Brothers Editorial Team

No Review Found
More from Author