Buy Aaj Bazar Band Hai, 9789387330511 at Best Price Online - Buy Books India

Aaj Bazar Band Hai

Author :

Mohandas Naimisharay

Publisher:

Vani Prakashan

Rs135 Rs150 10% OFF

Availability: Available

Shipping-Time: Usually Ships 1-3 Days

    

Rating and Reviews

0.0 / 5

5
0%
0

4
0%
0

3
0%
0

2
0%
0

1
0%
0
Publisher

Vani Prakashan

Publication Year 2018
ISBN-13

9789387330511

ISBN-10 9387330516
Binding

Paperback

Number of Pages 150 Pages
Language (Hindi)
Weight (grms) 200
Subject

Comics, Mangas & Graphic Novels

विश्व में आदिकाल से समाज पर संभोग दर्शन काबिज रहा है जिसके सामने सभी दर्शन फीके रहे हैं। भारतीय समाज और आध्यात्मिकता का दर्शन भी इससे अछूता नहीं रहा बल्कि धार्मिक परम्पराओं ने देह दर्शन की ओर भी अलौकिक तरीके से शुरुआत की है। मन्दिरों ने नारी उत्पीड़न की उसी परम्परा को विकसित किया। देवदासियों से लेकर वेश्याओं की मार्मिक कथा 'आज बाज़ार बन्द है' है। देह-व्यापार से देह उत्सव की रंगरलियों की भूल-भुलैया में फँसी दलित महिलाओं की दारुण कथा का जैसे सजीव चित्रण हुआ है । देह सम्मोहन से तनाव के बीच छटपटाती राष्ट्र की बेटियों के जीवन की विभिन्न परिस्थितियों पर सटीक और बेबाक टिप्पणी की गयी है। उनकी अस्मिता तथा भटकाव के दोराहे से उनके उभरने के प्रयास को सामाजिक सरोकारों का दर्शन भी कहा जा सकता है। वरिष्ठ दलित कथाकार मोहनदास नैमिशराय को देह व्यापार की अँधेरी और तंग गलियों के उमस और तमस से भरे परिवेश की गूँज से असीम सम्भावनाओं की तलाश है। देह बेचने वालियों के जीवन रंगों से उभरती बयार और उमस पर आधारित रचना की सार्थकता भी तभी होगी। खोई हुई अस्मिता की तलाश में संघर्ष करती राष्ट्र की बेटियों के जीवन की घटनाओं/दुर्घटनाओं के हर पहलू को उजागर करती यह सशक्त रचना है।

Mohandas Naimisharay

मोहनदास नैमिशराय ,जन्म: 5 सितम्बर, 1949, मेरठ (उ.प्र.) सुप्रसिद्ध दलित रचनाकार एवं मनीषी। पाँच वर्ष तक डॉ. आम्बेडकर प्रतिष्ठान, भारत सरकार, नई दिल्ली में सम्पादक एवं मुख्य सम्पादक। महात्मा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा एवं अन्य विश्वविद्यालयों में विजिटिंग प्रोफेसर। पत्रकारिता, रेडियो, दूरदर्शन, फिल्म, नाटक आदि में लेखन व प्रस्तुति का प्रचुर अनुभव। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला में अध्येता के रूप में ‘मराठी और हिन्दी दलित नाटक’ पर शोध। प्रमुख प्रकाशित कृतियाँ: क्या मुझे खरीदोगे, मुक्तिपर्व, झलकारी बाई, जख्म हमारे, महानायक बाबा साहेब डॉ. आम्बेडकर (उपन्यास); आवाजें, हमारा जवाब (कहानी संग्रह); सफ़दर एक बयान, आग और आन्दोलन (कविता संग्रह); अपने अपने पिंजरे: 2 भागों में (आत्मकथा); अदालतनामा, हैलो कॉमरेड (नाटक); भारतरत्न डॉ. भीमराव आम्बेडकर, आत्मदाह संस्कृति: उद्भव और विकास, उजाले की ओर बढ़ते कदम, स्वतंत्रता संग्राम के दलित क्रान्तिकारी, बहुजन समाज (शोध व विमर्श); हिन्दुत्व का दर्शन, डॉ. आम्बेडकर और कश्मीर समस्या, भारत के अग्रणी समाज सुधारक (अनुवाद); दलित उत्पीड़न विशेषांक, हिन्दी दलित साहित्य (सम्पादन) अनेक भारतीय और विदेशी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में कई रचनाएँ शामिल। फिल्म, टी.वी. के लिए लेखन, रंगमंचीय अनुभव। सम्मान: डॉ. आम्बेडकर स्मृति पुरस्कार; डॉ. आम्बेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार; ‘कास्ट एंड रेस’ पुस्तक पर डॉ. आम्बेडकर इंटरनेशनल मिशन पुरस्कार कनाडा; गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार; डॉ. आम्बेड़कर सामाजिक विज्ञान संस्थान, महु (म.प्र.) के अलावा अन्य पुरस्कार। सम्प्रति: हिन्दी मासिक ‘बयान’ पत्रिका का सम्पादन।
No Review Found
Similar Books
More from Author