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| Publisher | Prabhat Prakashan Pvt. Ltd. |
| Publication Year | 2026 |
| ISBN-13 | 9788168342330 |
| ISBN-10 | 816834233X |
| Binding | Paperback |
| Number of Pages | 208 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Weight (grms) | 200 |
| Subject | Indian Writing |
'देओदार' एक प्रेमकथा है। माया, भारतीय मूल की माँ और पारसी मूल के पिता की इकलौती संतान है। वह 7 अक्तूबर, 2023 अपने माता-पिता को इजराइल में हुए आतंकवादी हमले में खो देती है। पश्चिम देशों में हमास आतंकवादियों के समर्थन से टूटी माया, शांति की तलाश में लंदन छोड़कर भारत के उत्तराखंड में स्थित अपने नाना, ब्रिगेडियर राम के रिटायरमेंट कॉटेज 'देओदार' में शरण लेती है। 'देओदार' में माया के शोक और वैचारिक मोहभंग से आत्म-पुनर्निर्माण की यात्रा शुरू होती है। हेरीटेज कॉटेज 'देओदार' को होमस्टे बनाकर माया जीवन की नई शुरुआत करती है। दूर-दूर से आने वाले यात्री अपने साथ अपनी कहानियाँ और अधूरे प्रश्न लेकर आते हैं। उनकी यात्राएँ माया के लिए भी अपने अधूरे प्रश्नों के उत्तर ढूँढ़ने की प्रक्रिया बनती है।
कहानी में एक रोचक मोड़ तब आता है, जब एक गुमनाम शरणार्थी बावर्ची के रूप में माया के जीवन में प्रवेश करता है। दो अकेले लोग, दो अलग यात्राएँ और एक ऐसा घर, जिसने दोनों को बिना किसी शर्त के स्वीकार किया है।
'देओदार' प्रेम, पीड़ा और पहचान के अर्थ खोजते दो मनुष्यों की कहानी है, जो हमें विश्वास दिलाती है कि जीवन में अच्छे लोग बार-बार मिलेंगे। कभी जो दिल टूट भी जाए तो भी प्रेम से और प्रेम की संभावना से मत रूठना। प्यार को हमेशा मौका देना। एक दिन जीवन में कोई ऐसा भी आएगा, जो तुम्हें वैसे ही प्यार करेगा, जैसे तुम करते हो।
Vineeta Asthana
Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.