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Doordarshan : Aadhi Aabadi Ki Sashakt Gatha

Author :

Sangeeta Aggarwal

Publisher:

Vani Prakashan

Rs446 Rs495 10% OFF

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Publisher

Vani Prakashan

Publication Year 2025
ISBN-13

9789369449644

ISBN-10 9369449647
Binding

Paperback

Number of Pages 190 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 22 X 14 X 1.5
Weight (grms) 200
Subject

True Accounts

"दो सौ सालों की अंग्रेज़ों की गुलामी के बाद जब देश आज़ाद हुआ, उस समय जन नेताओं को अपनी बात जनता तक पहुँचाने के लिए और जनता की आवाज़ सरकार तक पहुँचाने के लिए जनसंचार की आवश्यकता थी। ऐसे में लोक प्रसारक रेडियो यानी आकाशवाणी की शुरुआत हुई। पाठकों को बता दूँ कि आकाशवाणी एक ऐसा जनसंचार माध्यम जिस पर विभाजन के समय नरसंहार की पीड़ा झेल रहे भारतवासियों तक अपनी बात पहुँचाने के लिए माननीय महात्मा गांधी ने दिल्ली स्थित आकाशवाणी में नागरिकों को शान्ति का सन्देश दिया था और आज भी आकाशवाणी पर माननीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी सालों से महीने के आख़िरी रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम करते आ रहे हैं। ‘दूरदर्शन : आधी आबादी की सशक्त गाथा’ किताब के माध्यम से मैं पाठकों तक यही बात रखना चाहती हूँ कि कैसे देश के पहले और सबसे बड़े लोक प्रसारक पर हमेशा नागरिकों का भरोसा रहा है, जो आज भी क़ायम है। इसके साथ-साथ यहाँ यह बताना भी ज़रूरी है कि देश की आज़ादी से लेकर देश निर्माण के हर कार्य में आधी आबादी यानी महिलाओं की हमेशा महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। महिलाओं ने आकाशवाणी, दूरदर्शन और डीडी न्यूज़ एवं कुछ साल पहले आरम्भ हुए अंग्रेज़ी चैनल डीडी इंडिया में भी अलग-अलग पदों पर अपने कार्यों, अनुशासन और योगदान से प्रसार भारती की गरिमा और सम्मान को बरकरार रखा है। इस किताब की ख़ासियत यह है कि किताब में केवल स्वर्गीय प्रतिमा पुरी जी के सिवाय सभी सम्माननीय महिलाओं का साक्षात्कार किया गया है। इसलिए इस किताब का एक-एक शब्द प्रामाणिक है। संस्थान में अलग-अलग पदों पर कार्यरत महिलाओं का साक्षात्कार उनकी तस्वीरों के साथ पाठकों तक पहुँचाना किताब को रोचक और आने वाली पीढ़ियों के लिए आकाशवाणी, दूरदर्शन और डीडी न्यूज़, डीडी इंडिया से अवगत कराने में अहम भूमिका निभायेगा। "

Sangeeta Aggarwal

दो सौ सालों की अंग्रेज़ों की गुलामी के बाद जब देश आज़ाद हुआ, उस समय जन नेताओं को अपनी बात जनता तक पहुँचाने के लिए और जनता की आवाज़ सरकार तक पहुँचाने के लिए जनसंचार की आवश्यकता थी। ऐसे में लोक प्रसारक रेडियो यानी आकाशवाणी की शुरुआत हुई। पाठकों को बता दूँ कि आकाशवाणी एक ऐसा जनसंचार माध्यम जिस पर विभाजन के समय नरसंहार की पीड़ा झेल रहे भारतवासियों तक अपनी बात पहुँचाने के लिए माननीय महात्मा गांधी ने दिल्ली स्थित आकाशवाणी में नागरिकों को शान्ति का सन्देश दिया था और आज भी आकाशवाणी पर माननीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी सालों से महीने के आख़िरी रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम करते आ रहे हैं।
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