| Publisher |
HIND YUGM |
| Publication Year |
2021 |
| ISBN-13 |
9788195106301 |
| ISBN-10 |
8195106307 |
| Binding |
Paperback |
| Edition |
2nd |
| Number of Pages |
304 Pages |
| Language |
(Hindi) |
महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा का यह तीसरा चरण है। डॉ. वर्मा और जयंत के साथ रोहन की वसीयत और मुमुक्षुओं के पुरातन सत्य की जड़ें खँगालता और अपने अस्तित्व के लिए जूझता श्रीमंत परिवार उस मोड़ पर आ पहुँचा जब रोहन का सत्य उनके जीवन का सबसे बड़ा झूठ बन गया। वे सदियों पुराने मूक इतिहास के खाली पन्नों से जीवित हुए पुरातन सत्य से दूर थे, किंतु कोई इस दिव्य यज्ञ में उनकी आहुति देने की तैयारी कर चुका था।.
Saurabh Kudesia
सौरभ कुदेशिया पिछले बीस वर्षों से पेशेवर लेखक और मैनेजर के तौर पर विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियों से जुड़े रहे हैं। अपने पेशेवर कैरियर में इन्होंने भारत, चीन, अमेरिका और यूरोप में अनेक टीम और अनगिनत प्रोजेक्ट्स का संचालन किया है। नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर अनगिनत विषयों पर कई शोध-पत्र प्रस्तुत करने के साथ इन्होंने अनगिनत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के लिए स्वयंसेवक के तौर पर काम किया है।
सौरभ बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिलानी, आईआईएम बेंगुलुरु, एवं सिम्बायोसिस पुणे से पोस्ट ग्रैजुएट हैं।
सौरभ इस पुस्तक से पहले बहुचर्चित पाँच पुस्तकों की शृंखला ‘महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा’ लिख चुके हैं।
‘महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा’ की 5 पुस्तकें—
1) आह्वान
2) स्तुति
3) आहुति
4) अग्निहोत्र
5) स्वाहा
Saurabh Kudesia
HIND YUGM