| Publisher |
HIND YUGM |
| Publication Year |
2023 |
| ISBN-13 |
9789392820724 |
| ISBN-10 |
9392820720 |
| Binding |
Paperback |
| Edition |
1st |
| Number of Pages |
288 Pages |
| Language |
(Hindi) |
महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा का यह पाँचवाँ और अंतिम चरण है। चिरंजीवियों और मुमुक्षुओं के बीच युगों पुराने युद्ध को समाप्त करने की सनक में जयंत साक्षी का सामना करते हुए रोहन की वसीयत के उस अंतिम सच तक पहुँच गया जिसमें श्रीमंत परिवार और उसकी मुक्ति थी।
लेकिन उसकी मुक्ति में सिर्फ साक्षी ही आखिरी बाधा नहीं था।
Saurabh Kudesia
सौरभ कुदेशिया पिछले बीस वर्षों से पेशेवर लेखक और मैनेजर के तौर पर विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियों से जुड़े रहे हैं। अपने पेशेवर कैरियर में इन्होंने भारत, चीन, अमेरिका और यूरोप में अनेक टीम और अनगिनत प्रोजेक्ट्स का संचालन किया है। नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर अनगिनत विषयों पर कई शोध-पत्र प्रस्तुत करने के साथ इन्होंने अनगिनत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के लिए स्वयंसेवक के तौर पर काम किया है।
सौरभ बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिलानी, आईआईएम बेंगुलुरु, एवं सिम्बायोसिस पुणे से पोस्ट ग्रैजुएट हैं।
सौरभ इस पुस्तक से पहले बहुचर्चित पाँच पुस्तकों की शृंखला ‘महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा’ लिख चुके हैं।
‘महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा’ की 5 पुस्तकें—
1) आह्वान
2) स्तुति
3) आहुति
4) अग्निहोत्र
5) स्वाहा
Saurabh Kudesia
HIND YUGM