Availability: Available
Shipping-Time: Usually Ships 3-5 Days
0.0 / 5
| Publisher | HIND YUGM |
| Publication Year | 2026 |
| ISBN-13 | 9788119555390 |
| ISBN-10 | 8119555392 |
| Binding | Paperback |
| Number of Pages | 152 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Dimensions (Cms) | 19.8 x 12.9 x 0.8 |
| Subject | Poetry |
‘कौन ठगवा नगरिया लूटल हो’ 21वीं सदी के उस यथार्थबोध की कविताओं का संग्रह है जिसमें प्रेम है, आँसू हैं, रोटी है, भूख है और प्रश्न हैं। इसके कवि का मानना है कि उसके बचे रहने में कविता एक महत्वपूर्ण कारण है। जीवन की चिलचिलाती धूप में हमेशा ही कवि इसकी छाँव में आसरा पाता रहा है। आज जब विगत वर्षों से चल रही उसकी काव्य-यात्रा एक संग्रह के रूप में सार्थक हो रही है तो उसे बेहद सुख का अनुभव हो रहा है। जिस प्रेम ने कवि के भीतर कविता का बीज बोया उसे लिखकर वह और समृद्ध एवं लबालब हुआ, ऐसा कवि को लगता है।
Himanshu Bhardwaj
HIND YUGM