| Publisher |
Rekhta Publication |
| Publication Year |
2023 |
| ISBN-13 |
9789394494671 |
| ISBN-10 |
9394494677 |
| Binding |
Paperback |
| Number of Pages |
192 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Weight (grms) |
193 |
| Subject |
Poetry |
हिन्दुस्तान में उर्दू शायरी के चाहने वालों की एक पूरी नस्ल है जो जौन की शायरी और उनके पढ़ने के अन्दाज़ की दीवानी है। उनके लहजे में एक बे-साख़्तापन है और लफ़्ज़ों में एक तरह की ईमानदारी है जिसने उनके सुनने वालों को न सिर्फ़ अपनी तरफ़ खींचा है बल्कि अपनी हस्ती के जादू में ले लिया है। आज हिन्दुस्तान भर में शायरी के चाहने वाले उनकी याद में साल भर कोई न कोई कार्यक्रम आयोजित करते रहते हैं। इतना सब होने के बाद भी, जौन साहब की ज़ाती ज़िन्दगी और विचारों के बारे में हिन्दुस्तान के लोगों को कुछ ख़ास जानकारी नहीं है, इस हिसाब से ये किताब उनके लिए एक ख़ूबसूरत तोहफ़े से कम नहीं। शायर जौन एलिया की ज़िन्दगी और शख़्सियत पर आधारित आलेखों की इस किताब से अब हिन्दुस्तान के पाठक भी जौन की ज़िन्दगी के अलग-अलग पहलुओं को जान और समझ सकेंगे।
Ameer Imam
"अमीर इमाम का ताल्लुक़ उत्तरप्रदेश के शहर सँभल से है। वो 30 जून 1984 को पैदा हुए। आपने अंग्रेज़ी में एम.ए किया है और फ़िलहाल शिक्षा के पेशे से जुड़े हुए हैं। अमीर इमाम अपनी पीढ़ी के प्रतिनिधि शायर हैं। इनकी शायरी में आर्ट और तसव्वुर का हसीन मेल देखने को मिलता है। अमीर इमाम की शायरी में ज़िंदगी के नए पहलुओं और ज़ावियों की तरफ़ इशारा मिलता है। अशआर में अनोखे विषयों को कलमबंद करने और नई बात कहने के हुनर से वो बख़ूबी वाक़िफ़ हैं। उपमाओं और रूपकों का बरमहल इस्तेमाल भी उनकी सृजनात्मक व्यक्तिवादी ज़ेहन का दर्पण है। आपके दो काव्य संग्रह “नक़्श-ए-पा हवाओं के” और “सुबह बख़ैर ज़िंदगी” प्रकाशित हो चुके हैं जिनको अदबी हलक़ों में काफ़ी सराहा गया है। उनके पहले काव्य संग्रह “नक़्श-ए-पा हवाओं के” को साहित्य अकादेमी के युवा पुरस्कार से नवाज़ा जा चुका है।"
Ameer Imam
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