| Publisher |
Rekhta Publication |
| Publication Year |
2025 |
| ISBN-13 |
9788198188892 |
| ISBN-10 |
8198188894 |
| Binding |
Paperback |
| Number of Pages |
204 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Weight (grms) |
400 |
| Subject |
Poetry |
मोहब्बत नासमझ होती है: वसीम बरेलवी में ऐसे ही कलाम को संकलित किया गया है, जिसमें आधुनिक युग की तमाम सृजनात्मक यातनाओं से लेकर वसीम बरेलवी की ज़िंदगी के अनछुए पहलुओं तक की झलक देखी जा सकती है।
Wasim Barelvi
वसीम बरेलवी का जन्म पूर्वी यू.पी (बरेली, उत्तर प्रदेश) में 8 फ़रवरी 1940 को हुआ उनका शुमार आधुनिक समय के अत्यंत लोकप्रिय और प्रसिद्ध शायरों में होता है वसीम बरेलवी की शायरी एहसास और जज़्बात का वह संगम है जिसमें पूरब और पश्चिम की टकराती हुई सभ्यताओं का शोकगीत भी है और परंपराओं की पासदारी भी। उनकी शायरी में ज़िंदगी की ना-हमवारियों पर तल्ख़ लहजे की झलक भी मिलती है और वर्तमान समय की राजनीतिक प्रवृत्तियों पर अंदरूनी कर्ब का इज़हार भी होता है।
Wasim Barelvi
Rekhta Publication